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इजरायल में मुस्लिम देशों के क्रू की एंट्री पर बैन? पाकिस्तान-ईरान समेत 31 देशों पर सख्ती

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
इजरायल में मुस्लिम देशों के क्रू की एंट्री पर बैन? पाकिस्तान-ईरान समेत 31 देशों पर सख्ती

इजरायल के नए विमानन नियमों के बाद अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के सामने क्रू सदस्यों को लेकर नई शर्तें सामने आई हैं.

फ्रांस की एयरलाइन एयर फ्रांस ने पुष्टि की है कि वह इजरायली अधिकारियों के इन नियमों का पालन कर रही है.

इन नियमों के तहत कुछ देशों की नागरिकता रखने वाले पायलटों और केबिन क्रू सदस्यों को इजरायल जाने वाली उड़ानों में काम करने की अनुमति नहीं है.

इस सूची में पाकिस्तान, ईरान, सऊदी अरब, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया समेत कई देशों के नाम शामिल बताए गए हैं.

रिपोर्टों के मुताबिक, कुल 31 देशों के नागरिक इन प्रतिबंधों से प्रभावित हो सकते हैं.

हालांकि, यह नियम सभी मुस्लिम देशों पर लागू होने के बजाय उन देशों की नागरिकता से जुड़ा है, जिनके इजरायल के साथ राजनीतिक संबंध नहीं हैं. एयर फ्रांस ने क्या कहा?

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि वह उन देशों के प्रवेश और सुरक्षा नियमों का पालन करता है, जहां उसकी उड़ानें संचालित होती हैं.

एयरलाइन के अनुसार, ये नियम यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों पर भी लागू हो सकते हैं.

कंपनी ने यह भी कहा कि तेल अवीव जाने वाली उड़ानों से जुड़े कर्मचारियों को इजरायली अधिकारियों के नए निर्देशों की जानकारी दे दी गई है.

इससे संकेत मिलता है कि एयर फ्रांस अपनी इजरायल जाने वाली उड़ानों में क्रू की तैनाती करते समय इन नियमों को ध्यान में रख रहा है. इजरायल ने विदेशी एयरलाइंस को क्या निर्देश दिए?

इजरायली मीडिया संस्थान N12 की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन और सड़क सुरक्षा मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को नए नियमों के बारे में सूचित किया था.

इन निर्देशों के तहत इजरायली हवाई क्षेत्र में उड़ान संचालित करने वाले पायलटों और केबिन क्रू की नागरिकता को लेकर शर्तें तय की गई हैं.

रिपोर्टों में बताया गया है कि यह प्रतिबंध उन देशों के नागरिकों पर लागू होता है, जिनके इजरायल के साथ राजनीतिक संबंध नहीं हैं.

सूची में पाकिस्तान, ईरान, ओमान, सऊदी अरब, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया और नाइजर समेत कई देशों का उल्लेख किया गया है.

इन नियमों का उद्देश्य क्या है और इन्हें किस तरह लागू किया जाएगा, इसे लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों को समझना महत्वपूर्ण है.

फ्लाईदुबई की घटना के बाद उठाया गया कदम मीडिया रिपोर्टों में इजरायल के इस फैसले को फ्लाईदुबई की एक कथित सुरक्षा घटना से जोड़कर देखा गया है.

रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में ओमानी पायलट से जुड़ी हाईजैक की कोशिश का दावा किया गया था.

विमान को सुरक्षित रखने में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है.

हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इजरायल के नए नियमों के बीच आधिकारिक तौर पर स्थापित संबंध की पुष्टि के लिए संबंधित अधिकारियों के बयानों और जांच संबंधी जानकारी को देखना जरूरी है. किन देशों पर पड़ सकता है असर?

रिपोर्टों में बताए गए 31 देशों की सूची में बड़ी संख्या ऐसे देशों की है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं.

पाकिस्तान, ईरान, ओमान, सऊदी अरब, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया और नाइजर इनमें शामिल बताए गए हैं.

इन प्रतिबंधों का असर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की क्रू नियुक्ति और उड़ानों की योजना पर पड़ सकता है.

एयरलाइंस को इजरायल जाने वाली उड़ानों के लिए कर्मचारियों की नागरिकता और पात्रता की जांच करनी होगी, ताकि वे स्थानीय नियमों का पालन कर सकें.

फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि एयर फ्रांस ने इजरायल के नियमों का पालन करने की पुष्टि की है.

वहीं, प्रतिबंधों के दायरे, सभी प्रभावित देशों की आधिकारिक सूची और इनके लागू होने की विस्तृत शर्तों की पुष्टि संबंधित सरकारी निर्देशों से की जानी चाहिए.

📡 स्रोत: NewsData.io

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