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इंदौर को मेट्रो की बड़ी सौगात, 2,850 करोड़ की लागत से नए कॉरिडोर का शुभारंभ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
इंदौर को मेट्रो की बड़ी सौगात, 2,850 करोड़ की लागत से नए कॉरिडोर का शुभारंभ

इंदौर। लोक परिवहन के क्षेत्र में इंदौर को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को 2,850 करोड़ रुपये की लागत से विस्तारित इंदौर मेट्रो के नए चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल विशेष रूप से मौजूद रहे। नए चरण में 17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर और 16 स्टेशनों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर में मेट्रो का विस्तार केवल परिवहन सुविधा बढ़ाने का काम नहीं है, बल्कि यह शहर के विकास के नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले समय में मेट्रो के जरिए इंदौर को उज्जैन, पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो के विस्तार से इंदौर के परिवहन तंत्र को आधुनिक और मजबूत बनाने के साथ शहर के विकास को भी नई गति मिलेगी।

उन्होंने इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना के लिए 18,500 करोड़ रुपये की मंजूरी को भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। इस परियोजना से इंदौर का महाराष्ट्र और मुंबई से सीधा रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

उद्योग और व्यापार को भी मिलेगी गति

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इंदौर मेट्रो के नए कॉरिडोर को शहर के विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि मेट्रो से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेट्रो केवल यातायात का साधन नहीं है, बल्कि यह शहरी विकास, उद्योग, व्यापार और रोजगार को गति देने वाला महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है। आने वाले समय में मेट्रो के विस्तार से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और उज्जैन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

पीथमपुर से उज्जैन और मक्सी तक विस्तार की योजना

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर मेट्रो का मूल उद्देश्य शहर के भीतर यातायात को आसान बनाने के साथ इंदौर के विस्तार और विकेंद्रीकरण को गति देना है। उन्होंने बताया कि मेट्रो को आगे पीथमपुर, महू, देवास, उज्जैन और मक्सी तक ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि अगले 10 से 15 वर्षों तक इंदौर क्षेत्र में मेट्रो का काम लगातार जारी रहने की संभावना है।

शहर की खूबसूरती के लिए भूमिगत मेट्रो पर जोर

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर की प्रमुख और खूबसूरत सड़कों को ध्यान में रखते हुए कुछ हिस्सों में मेट्रो को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। एमजी रोड जैसे क्षेत्रों में मेट्रो के खंभों से शहर की सुंदरता प्रभावित न हो, इसके लिए भूमिगत मेट्रो की दिशा में काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने बटन दबाकर मेट्रो के नए चरण का शुभारंभ किया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इंदौर मेट्रो का नया 17‑किलोमीटर कॉरिडोर 16 स्टेशनों के साथ 2,850 करोड़ रुपये में शुरू हुआ। यह परियोजना शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को तेज़ और कुशल बनाने के लिए है। इस विस्तार से इंदौर की ट्रैफिक जाम में कमी, पर्यावरण प्रदूषण घटने और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। नागरिकों को रोज़मर्रा की यात्रा में समय की बचत होगी और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। इस कदम से इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर एक आधुनिक, सतत शहर के रूप में पहचान मिलेगी, जिससे निवेश और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।