इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता:मां बोली- बेटी के हत्यारे को राज्यपाल बना दिया, पिता का दावा- सरकार VIP को बचा रही
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अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग लेकर उनके माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर बैठ गए हैं। उनके साथ एक्टिविस्ट योगिता भयाना भी मौजूद हैं। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए।
परिवार का कहना है कि जांच पूरी होने तक ऐसी कोई नियुक्ति नहीं होनी चाहिए, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठें। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और अंकिता को पूर्ण न्याय दिलाने की मांग की है। 'मेरी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद थी, अब हम किसके पास जाएं' अंकिता की मां सोनी देवी ने दैनिक भास्कर से की गई बातचीत में कहा कि दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि बेटी की हत्या के मामले में जिस VIP को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसे राज्यपाल बना दिया गया है। ऐसे में परिवार को समझ नहीं आ रहा कि वह न्याय के लिए किसके पास जाए। उन्होंने बताया कि परिवार उत्तराखंड से दिल्ली आया है और इंडिया गेट पर अपनी आवाज उठाना चाहता है। मां ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, लेकिन आम जनता ने हमेशा उनका साथ दिया है।
जनता की मदद से ही मामला यहां तक पहुंचा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के लोग आगे भी उनका साथ देंगे और बेटी को न्याय दिलाने में मदद करेंगे। अंकिता ने पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने उठाए जांच से जुड़े ये सवाल 1.
VIP की पहचान अब तक क्यों नहीं हुई? 18 सितंबर 2022 को अंकिता की हत्या के बाद से परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। निचली अदालत में सुनवाई के दौरान भी VIP की पहचान का मुद्दा उठाया गया था। अंकिता के फोन की चैट में VIP के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मांगने का जिक्र था। परिवार ने उस समय अजय कुमार का नाम भी लिया था। 2.
उर्मिला सनावर के वीडियो में लिए गए नामों की जांच हो पिता के मुताबिक, उर्मिला सनावर ने बाद में एक वीडियो जारी कर कथित VIP के रूप में सुरेश राठौर और अजय कुमार के नाम लिए थे। इसके बाद उत्तराखंड में फिर विरोध प्रदर्शन हुए। परिवार चाहता है कि इन नामों से जुड़े पहलुओं की जांच की जाए। 3.
सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग की थी 7 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री ने परिवार को बुलाया था। उस दौरान परिवार ने
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar