अब इंडियन ऑयल के पंप पर नहीं मिलेगा खाड़ी देशों का पेट्रोल-डीजल? आयात घटाएगी कंपनी
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मिडिल ईस्ट में फरवरी के महीने से जंग छिड़ी हुई है, जिसके बाद से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक था और कच्चे तेल की आवाजाही में परेशानी हो रही थी.
जिसकी वजह से भारत समेत तमाम देशों में भी कच्चे तेल की किल्लत देखने को मिल रही थी.
जिसके बाद अब भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने एक बड़ा फैसला किया है. जिसके बाद अब IOCL के किसी भी पेट्रोल पंप पर खाड़ी देशों का तेल नहीं मिलेगा.
दरअसल इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने फैसला किया है कि वो मिडिल ईस्ट से अब तेल नहीं खरीदेगा. जिससे कि भारत की तेल के लिए निर्भरता खाड़ी देशों पर ही ना बनी रहे.
सालाना डील में होगी कटौती
ई-टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी से जुड़े एक करीबी सूत्र से जानकारी मिली है, कि इंडियन ऑयल कॉर्प (IOC) 2027/28 में मिडिल-ईस्ट से होने वाली अपनी सालाना तेल खरीदी की डील में कटौती करने वाला है.
इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण इस इलाके से होने वाली सप्लाई प्रभावित हो रही है. जिसके कारण तेल के लिए पूरी तरह से मिडिल ईस्ट पर निर्भर होना ठीक नहीं है.
कहां से तेल खरीदेगी कंपनी?
लेकिन सवाल ये भी है कि तेल कंपनी मिडिल ईस्ट से तेल नहीं खरीदेगी तो कहां से खरीदेगी?
तो इसका जवाब भी सूत्र द्वारा मिला है, जिसने बताया है कि, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने मार्च 2027 में समाप्त होने वाले वित्तय वर्ष के लिए, मिडिल ईस्ट के प्रोडक्ट्स के साथ सालाना समझौतों के तहत अपने कच्चे तेल के आयात का लगभग 47% हिस्सा 'फ्री-ऑन-बोर्ड' (FOB) आधार पर मंगाने का प्लान बनाया है.
सूत्र ने बताया कि सरकारी रिफाइनरी कंपनी अगले साल खाड़ी देशों के उत्पादकों के साथ होने वाले सालाना समझौतों के तहत खरीदे जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा में थोड़ी कमी करेगी.
मिडिल- ईस्ट पर निर्भर भारत
बता दें कि भारतीय रिफाइनरियां पारंपरिक रूप से अपनी सालाना कच्चे तेल की आपूर्ति के आधे से ज्यादा हिस्से के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर रहे
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar