इंदौर-भोपाल को महानगरीय क्षेत्रों के रूप में विकसित करने की तैयारी, आधुनिक टाउनशिप और किफायती आवास पर जोर
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इंदौर। मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास को गति देने और आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश शहरी विकास कॉन्क्लेव 2.0 के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश के शहरी विकास की योजनाओं और भविष्य की रूपरेखा की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसी आधुनिक टाउनशिप विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जहां नागरिकों को किफायती आवास, नवीकरणीय ऊर्जा, शुद्ध पेयजल और बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। नियोजित विकास के जरिए शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इंदौर और भोपाल को छह-छह जिलों को शामिल करते हुए महानगरीय क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य शहरी विकास को व्यापक स्वरूप देना और आसपास के क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त चौड़ी सड़कों वाले क्षेत्रों में ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति देने से कृषि भूमि को बचाने में मदद मिल सकती है।
साथ ही, इस व्यवस्था से शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने और निवेश को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने स्वामित्व योजना का उल्लेख करते हुए इसके तहत 50 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य बताया। योजना के माध्यम से संपत्तियों के स्वामित्व से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की मीडिया से चर्चा में आधुनिक टाउनशिप, महानगरीय क्षेत्रों के विस्तार, बुनियादी सुविधाओं और निवेश को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुख रहे। कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप विकास की योजनाओं पर चर्चा को गति मिलने की उम्मीद है।
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लोअर हेडर---
इंदौर में मध्यप्रदेश शहरी विकास कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ
नियोजित शहरी विकास और आधुनिक टाउनशिप विकसित करने पर जोर
इंदौर और भोपाल को छह-छह जिलों के साथ महानगरीय क्षेत्रों के रूप में विकसित करने की योजना
स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य