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इंदौर में ‘एक दीया, पुरखों के नाम’ अभियान, शहर के आठ मुक्तिधामों में हुआ दीपदान और रंगोली सजावट

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
इंदौर में ‘एक दीया, पुरखों के नाम’ अभियान, शहर के आठ मुक्तिधामों में हुआ दीपदान और रंगोली सजावट

इंदौर में नरक चतुर्दशी के अवसर पर संस्था आनंद गोष्ठी द्वारा ‘एक दीया, पुरखों के नाम’ अभियान के तहत शहर के प्रमुख मुक्तिधामों में दीपदान और रंगोली सजाने का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर अपने पूर्वजों का पुण्य स्मरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

संस्था के संस्थापक स्वर्गीय गोविन्द मालू द्वारा शुरू की गई इस परंपरा का यह 16वां वर्ष रहा। संयोजक लव गोविन्द मालू के नेतृत्व में जुनी इंदौर मुक्तिधाम में मुख्य आयोजन संपन्न हुआ। इसके साथ ही रामबाग, पंचकुइया, बाणगंगा, तिलक नगर, चितावद, मालवा मिल और रीजनल पार्क स्थित मुक्तिधामों में भी दीपदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुक्तिधामों को आकर्षक रंगोलियों से सजाया गया। दीपों की रोशनी और सामूहिक मंत्रोच्चार के बीच उपस्थित लोगों ने अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। संस्था का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, संस्कारों और पूर्वजों के प्रति सम्मान की भावना से जोड़ना है।

-----‘एक दीया, पुरखों के नाम’ अभियान के तहत हुआ आयोजन

संस्था आनंद गोष्ठी ने 16वें वर्ष भी निभाई परंपरा

जुनी इंदौर मुक्तिधाम में हुआ मुख्य कार्यक्रम

शहर के आठ मुक्तिधामों में दीपदान और रंगोली सजावट

नई पीढ़ी को संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का संदेश

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इंदौर में नरक चतुर्दशी के अवसर पर ‘एक दीया, पुरखों के नाम’ अभियान के तहत प्रमुख मुक्तिधामों में दीपदान और रंगोली सजावट की गई। यह परंपरा संस्था आनंद गोष्ठी के संस्थापक स्वर्गीय गोविन्द मालू द्वारा शुरू की गई और अब 16वाँ वर्ष है। यह कार्यक्रम पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का प्रतीक है। इस तरह की गतिविधियाँ समाज में एकता और परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाती हैं, जिससे लोगों में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का पुनरुत्थान होता है। साथ ही, यह आयोजन स्थानीय समुदाय को एकजुट

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।