इंदौर में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक शुरू, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और संगठन विस्तार की समीक्षा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक का सोमवार को शुभारम्भ हुआ। बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक सहभागिता और आगामी कार्ययोजना पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बैठक में विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक शताब्दी वर्ष के निमित्त देशभर में विभिन्न कार्यक्रम और सामाजिक उपक्रम आयोजित किए गए हैं। बैठक में इन कार्यक्रमों के अनुभवों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में देशभर से लगभग 408 प्रमुख कार्यकर्ताओं की सहभागिता हो रही है। इनमें संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सहसरकार्यवाह, कार्यविभागों के प्रमुख, अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य तथा 11 क्षेत्रों एवं 46 प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में देशभर में संघ की 1,01,151 दैनिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। साप्ताहिक मिलन और अन्य गतिविधियों को मिलाकर लगभग 1,10,849 स्थानों तक संघ का कार्य पहुंच चुका है। पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में 13 हजार से अधिक नई दैनिक शाखाएं प्रारंभ हुई हैं। बैठक में पिछले तीन वर्षों के कार्य विस्तार की योजना की उपलब्धियों और अनुभवों की समीक्षा भी हो रही है।
शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। नगरों में बस्ती स्तर पर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मंडल स्तर पर आयोजित इन सम्मेलनों में समाज की व्यापक सहभागिता रही। गृह संपर्क अभियान को भी अच्छा प्रतिसाद मिला।
गृह संपर्क, प्रमुख जन गोष्ठियों और हिंदू सम्मेलनों में महिलाओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों, विश्वविद्यालय परिसरों और अन्य स्थानों पर युवाओं एवं युवतियों के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भी उत्साह देखने को मिला। युवाओं की आकांक्षाओं, देश और समाज से जुड़े विषयों तथा उनके सुझावों के आधार पर आगामी कार्यक्रमों की दिशा निर्धारित की जाएगी।
इस बैठक में संघ की संगठनात्मक रचना में प्रस्तावित परिवर्तनों पर विचार किया जाएगा। इसके तहत संघ में अब प्रांत व्यवस्था खत्म होकर 85 से 90 संभाग बनाए जाएंगे।
इसके बाद मार्च में नागपुर में प्रस्तावित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के पूर्व जिला, विभाग, प्रांत और क्षेत्र स्तर पर संगठनात्मक निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी क्रम में मार्च में सरकार्यवाह का निर्वाचन भी होगा।इसके अतिरिक्त समाज जागरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। विशेष रूप से युवाओं में नशीले पदार्थों के बढ़ते चलन को देखते हुए सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के सहयोग से नशामुक्ति के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की योजना बनाई जाएगी।
शताब्दी वर्ष के दौरान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड प्रवास के समय हुए वैश्विक संवाद की भी समीक्षा की जा रहे है। भारत के चिंतन, हिंदुत्व की सही समझ और विश्व कल्याण में भारत की भूमिका जैसे विषयों पर हुए संवाद को आगे बढ़ाने की कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। संत रविदास जी की 650वीं जयंती के कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगामी आयोजनों की रूपरेखा भी तैयार होगी।
संघ द्वारा शताब्दी वर्ष में सामाजिक समरसता, पर्यावरण के अनुरूप जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन के विषयों को समाज तक पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं। आगामी समय में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनों के साथ मिलकर इन विषयों पर नए कार्यक्रम और अभियान चलाने की योजना बनाई जाएगी।
बैठक के अंतिम दिन 4 नवंबर को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले पत्रकार वार्ता कर बैठक में हुए विचार-विमर्श, कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी देंगे। साथ ही पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर भी देंगे।
बाइट -
नरेंद्र कुमार ठाकुर (अ. भा. सह प्रचार प्रमुख आरएसएस )