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ईपीएफओ का दायरा बढ़ा, उत्तराखंड के क़रीब 40 हजार अतिरिक्त कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
ईपीएफओ का दायरा बढ़ा, उत्तराखंड के क़रीब 40 हजार अतिरिक्त कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

23 सितम्बर 2026, देहरादून: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए वेतन की ऊपरी सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस बदलाव से उत्तराखंड के करीब 40 हजार से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को ईपीएफओ का लाभ मिलेगा।

ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त वीवीबी सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों को नियमित पीएफ अंशदान के माध्यम से सेवानिवृत्ति के लिए दीर्घकालिक बचत का लाभ मिलेगा। साथ ही 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

श्री सिंह ने कहा कि ईपीएफओ की ओर से सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन और रोजगार के औपचारिकीकरण को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत अतिरिक्त रोजगार पैदा करने पर नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाता है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के वेतन सीमा में बदलाव के बारे में है, जिससे 15,000 से 25,000 रुपये प्रति माह तक के कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। यह बदलाव उत्तराखंड के लगभग 40,000 अतिरिक्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य लाभों के लिए पात्र बना देगा। यह कदम सरकार की सामाजिक सुरक्षा नीति को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिससे अधिक श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। आम जनता के लिए इसका मतलब है कि उनके भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद स्थि

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।