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'ईरान के साथ जल्द खत्म होगी जंग', अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा; कहा- ईंधन की कीमतों में आएगी गिरावट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
'ईरान के साथ जल्द खत्म होगी जंग', अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा; कहा- ईंधन की कीमतों में आएगी गिरावट

US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि ईरान के साथ जारी जंग जल्द खत्म हो सकती है.

ट्रंप का कहना है कि जंग खत्म होने के बाद अमेरिका में गैस की कीमतों में गिरावट आएगी.

दरअसल, अमेरिका के केंटकी में शनिवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने मिडिल ईस्ट के हालात और अमेरिकी उपभोक्ताओं पर उनके आर्थिक असर को लेकर अपनी बात रखी.

अमेरिका राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि युद्ध का अंत नजदीक है और इसके बाद ईंधन की कीमतें मौजूदा स्तर से भी नीचे आ सकती हैं.

उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य उसकी परमाणु क्षमताओं को खत्म करना था.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर पहले किए गए हमलों का बचाव करते हुए उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बताया.

ट्रंप ने कहा कि इन सैन्य अभियानों से ईरान की परमाणु क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा और परमाणु हथियार हासिल करने की उसकी कोशिशों को रोकने में मदद मिली.

उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

ट्रंप ने तर्क दिया कि अगर तेहरान के पास ऐसे हथियार आ जाते हैं, तो इससे अमेरिका और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.

ईरान ने सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करने की उठाई मांग वहीं दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए केवल एक मोर्चे पर युद्ध रोकना पर्याप्त नहीं होगा.

ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने सभी क्षेत्रों में लड़ाई समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया है.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, खतीबजादेह ने लेबनान के अल मयादीन टीवी नेटवर्क से बातचीत में कहा कि लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई बंद होना भी क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी है.

उन्होंने दावा किया कि ईरान और अमेरिका के बीच जून में हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन में लेबनान में संघर्ष समाप्त करने का मुद्दा भी शामिल था. उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत के दौरान यह विषय प्रमुखता से उठा था.

बता दें कि ईरानी उप विदेश मंत्री खतीबजादेह बुधवार को बेरूत पहुंचे थे, जहां उन्होंने लेबनान के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की.

इनमें संसद अध्यक्ष नबीह बेरी, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल थे. ईरानी अधिकारी ने इन बैठकों को सकारात्मक बताया.

अमेरिका और इजरायल पर समझौते के उल्लंघन का आरोप इस दौरान खतीबजादेह ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान तथा लेबनान के खिलाफ हमलों के जरिए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि लेबनान में संघर्ष विराम कराने के अमेरिकी प्रयास सफल नहीं हुए हैं.

ईरानी उप विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए अमेरिका को अपने सहयोगी पर प्रभावी दबाव बनाना चाहिए.

सैन्य दबाव से पीछे नहीं हटेगा ईरान- खतीबजादेह उनका कहना है कि लेबनान और व्यापक लेवांत क्षेत्र में जारी संघर्ष एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए किसी एक क्षेत्र में संघर्ष जारी रहने से पूरे इलाके में तनाव बढ़ सकता है.

इसके साथ ही अमेरिका के खिलाफ अपने आरोपों को दोहराते हुए खतीबजादेह ने ईरान पर किए गए सैन्य हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध बताया.

उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान की वायु रक्षा व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने या उसकी जवाबी कार्रवाई की क्षमता को समाप्त करने में सफल नहीं हुई.

उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी सैन्य दबाव के सामने पीछे नहीं हटेगा.

📡 स्रोत: NewsData.io

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