IRCTC ने 1 रुपया कम रिफंड दिया, अब लौटाएगी ₹3100:केरलम कंज्यूमर कोर्ट का आदेश- 9% ब्याज भी देना होगा; 2 साल पुराना मामला
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ट्रेन टिकट कैंसिल करने पर 1 रुपया कम रिफंड करना IRCTC को महंगा पड़ गया। कासरगोड जिला उपभोक्ता आयोग ने IRCTC को आदेश दिया है कि वह यात्री को 1 रुपए लौटाए, साथ ही ₹3100 रुपए हर्जाना और मुकदमे का खर्च भी दे। आयोग ने 1 रुपए पर 9% ब्याज भी लगाया है। सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 100 रुपए मुआवजा देने को कहा।
इसके अलावा, मुकदमे का खर्च 3000 रुपए देने का आदेश दिया। IRCTC को 30 दिन में भुगतान करना होगा। 2 साल पुराना है मामला शिकायतकर्ता ने 11 अगस्त 2024 को 553 रुपए में एसी थ्री-टियर ट्रेन टिकट बुक किया था। इस टिकट पर यात्रा 20 अगस्त 2024 को होनी थी। शिकायतकर्ता ने 17 अगस्त को टिकट कैंसिल कर दिया।
यह यात्रा की तय तारीख से 48 घंटे से ज्यादा पहले किया गया था। IRCTC ने कैंसिलेशन चार्ज के तौर पर 180 रुपए काटे। इसके अलावा, 5% GST के 9 रुपए भी काटे गए। आयोग ने दर्ज किया कि यात्री को 341 रुपए वापस मिलने चाहिए थे। हालांकि, IRCTC ने केवल 340 रुपए लौटाए। इससे 1 रुपए की कमी रह गई। यात्री ने 2.05 लाख रुपए का मुआवजा मांगा था शिकायतकर्ता ने भ्रम के लिए 1 लाख रुपए मुआवजा मांगा।
उसने भरोसा तोड़ने के लिए भी 1 लाख रुपए की मांग की। इसके अलावा, उसने मुकदमे के खर्च के लिए 5000 रुपए और बकाया 1 रुपए लौटाने की मांग की। IRCTC ने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा था। हालांकि, आयोग ने उसे समय-सीमा खत्म होने के बाद दाखिल माना और खारिज कर दिया। आयोग ने क्या कहा- 1 रुपए पर 9% ब्याज देना होगा आयोग ने कहा कि IRCTC ने 1 रुपए काटने या कम लौटाने का कोई कारण नहीं बताया।
सही रकम वापस नहीं करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है। आयोग के अध्यक्ष कृष्णन K और सदस्य बीना KG ने यह आदेश दिया। आदेश में कहा गया कि शिकायत आंशिक रूप से मंजूर की जाती है। आदेश के मुताबिक, IRCTC को 17 अगस्त 2024 यानी टिकट कैंसिल होने की तारीख से भुगतान होने तक 1 रुपए पर 9% ब्याज देना होगा।
आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 100 रुपए मुआवजा तय किया। मुकदमे का खर्च 3,000 रुपए रखा गया। उपभोक्ताओं के लिए संदेश रिफंड में 1 रुपए की कमी भी सेवा में कमी मानी जा सकती है। सेवा देने वाली कंपनियों को ग्राहकों को पूरी और सही रकम लौटानी चाहिए। उपभोक्ता शिकायतों के लिए लोग अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की उपभोक्ता हेल
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar