व्यापार

ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने इसरो के निजीकरण से जुड़ी खबरों को खारिज किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने इसरो के निजीकरण से जुड़ी खबरों को खारिज किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्‍थान के अध्यक्ष वी. नारायणन ने इसरो के निजीकरण से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। बेंगलुरु में आज सी.आई.आई. के एक्सपो के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि इसरो एक सरकारी संगठन है और इसके निजीकरण का कोई सवाल ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देश और नई अंतरिक्ष नीति के अंतर्गत अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जा रही है, ताकि अंतरिक्ष गतिविधियों का विस्तार किया जा सके। इसरो की सीमित भूमिका और बजट से जुड़े आरोपों पर श्री नारायणन ने कहा कि इसरो की भूमिका कई गुना बढ़ी है और सरकार की ओर से दिया जा रहा बजट उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

वहीं, इन-स्पेस के अध्यक्ष पवन गोयनका ने कहा कि इसरो में वैज्ञानिकों का सेवानिवृत्त होना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि इसरो की गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इसरो के निजीकरण के बारे में चल रही अफवाहों को ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसरो अभी भी एक सरकारी संस्था है और इसके निजीकरण का कोई इरादा नहीं है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसरो की भूमिका भारत की अंतरिक्ष नीति में केंद्रीय है और किसी भी बदलाव से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वास पर असर पड़ सकता है। यदि निजीकरण की चर्चा आगे बढ़ती है, तो इससे अंतरिक्ष कार्यक्रमों में निवेश बढ़ सकता है, पर साथ ही नौकरियों और तकनीकी नियंत्रण पर सवाल भी उठ सकते हैं।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।