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ईटानगर: उपराष्ट्रपति ने डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
ईटानगर: उपराष्ट्रपति ने डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया

सितंबर 09, नई दिल्ली: उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज ईटानगर के चिम्पू में सुनने, देखने और बौद्धिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए बने डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से बातचीत की, संस्थान के विभिन्न गतिविधि क्षेत्रों का दौरा किया और छात्रों को संबोधित किया।उपराष्ट्रपति ने कहा कि संस्थान के दौरे ने उन्हें गहरी भावुकता और देशभक्ति की भावना से भर दिया, खासकर जब उन्होंने छात्रों को ‘वंदे मातरम’ गाते हुए सुना।

उन्होंने कहा कि छात्रों ने यह गीत इतनी ईमानदारी से गाया कि वे उनके “दिल से निकलती” देशभक्ति की भावना को महसूस कर सके।अरुणाचल प्रदेश सरकार, डोनी-पोलो मिशन, प्रबंधन, शिक्षकों, पुनर्वास विशेषज्ञों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू के नेतृत्व में राज्य सरकार की उपलब्धियां “समाज के हर पहलू” को कवर करती हैं।छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी भी किसी को अपने सपनों की सीमा तय न करने दें।

उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति अनोखा होता है और हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है।” उन्होंने छात्रों को बड़े सपने देखने, खुद पर भरोसा रखने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री श्रीकांत बोला की प्रेरणादायक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रों से उन लोगों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया, जिन्होंने चुनौतियों पर विजय प्राप्त की है।उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘डोनी-पोलो मिशन स्कूल’ जैसे संस्थान न केवल शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि आशा, गरिमा, अवसर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान एक समावेशी ‘विकसित भारत@2047’ के निर्माण में सार्थक योगदान देते हैं।प्रौद्योगिकी के परिवर्तनकारी सामर्थ्य पर जोर देते हुए सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल उपकरण और सहायक प्रौद्योगिकियां बाधाओं को दूर करने तथा शिक्षा को अधिक सुलभ और व्यक्तिगत बनाने में मदद कर सकती हैं।

उन्होंने एआई-संचालित शिक्षण सामग्री और छात्रों के लिए समग्र सहायता की दिशा में मिशन के प्रयासों की सराहना की।उपराष्ट्रपति ने विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के पालन-पोषण में असाधारण धैर्य, करुणा और प्रतिबद्धता के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने बच्चों को सहयोग देने और प्रोत्साहित करने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया।अपने संबोधन के आखिर में सी.

पी. राधाकृष्णन ने कहा, “आज, आपने मुझे बहुत सी बातें सिखाई हैं।” उन्होंने छात्रों और उनके दृढ़ संकल्प से मिली प्रेरणा के लिए छात्रों की सराहना की। (Photo Caption: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने ईटानगर में डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया) (Source: उप राष्ट्रपति सचिवालय)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ईटानगर के चिम्पू में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने डोनी‑पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया, जो सुनने, देखने और बौद्धिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए समर्पित है। यह स्कूल विशेष शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्था है, जो समावेशी शिक्षा और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के विकास को बढ़ावा देती है। उपराष्ट्रपति का दौरा इस बात को रेखांकित करता है कि सरकार विशेष शिक्षा पर कितना ध्यान देती है, और यह सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाता है। इस कदम से आम जनता में समावेशी शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिसस

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।