जामताड़ा में टीबी से स्वस्थ हुए मरीजों को किया गया सम्मानित, जोश कार्यक्रम का शुभारंभ
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जामताड़ा में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जोश कार्यक्रम का शुभारंभ, टीबी की रोकथाम, जांच और इलाज को लेकर लोगों को किया गया जागरूक, टीबी से स्वस्थ हुए मरीजों को किया गया सम्मानित, युवाओं को भी टीबी मुक्त भारत अभियान से जोड़ा गया।
Short Headline: जामताड़ा में टीबी से स्वस्थ हुए मरीजों को किया गया सम्मानित, जोश कार्यक्रम का शुभारंभ
टीबी मुक्त भारत, जामताड़ा, उज्ज्वल
जामताड़ा में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जोश कार्यक्रम का शुभारंभ
टीबी की रोकथाम, जांच और इलाज को लेकर लोगों को किया गया जागरूक
टीबी से स्वस्थ हुए मरीजों को किया गया सम्मानित
युवाओं को भी टीबी मुक्त भारत अभियान से जोड़ा गया
एंकर जामताड़ा में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जोश कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में टीबी की रोकथाम, जांच और इलाज को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम में टीबी को मात देकर स्वस्थ हुए मरीजों को सम्मानित करने के साथ ही युवाओं को भी अभियान से जोड़ा गया।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ 01. जामताड़ा समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम लोगों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का वर्चुअल संबोधन सुना। उन्होंने वर्ष 2027 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में टीबी से स्वस्थ हुए मरीजों को सम्मानित किया गया। वहीं, मेरा युवा भारत से जुड़े युवाओं को ऐप के माध्यम से अभियान से जोड़ते हुए गांव और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जानकारी दी गई।
बाइट- असीम किस्पोट्टा, उप विकास आयुक्त
वीओ 02. उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा ने बताया कि टीबी मरीजों को सरकारी स्तर पर मुफ्त दवा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी से पीड़ित व्यक्ति से भेदभाव न करें, बल्कि उसका सहयोग करें, ताकि वह नियमित रूप से इलाज पूरा कर स्वस्थ हो सके।
बाइट- असीम किस्पोट्टा, उप विकास आयुक्त
वीओ 03. वहीं, सिविल सर्जन एसके मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और कर्मी लगातार टीबी उन्मूलन के लिए काम कर रहे हैं। इसमें सहिया, टीबी चैंपियन और वॉलिंटियर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बाइट- एसके मिश्रा, सिविल सर्जन, जामताड़ा
वीओ 04. कार्यक्रम में टीबी को मात दे चुके टुन्नू मंसूरी ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि निजी स्तर पर कई जगह इलाज कराने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। बाद में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पर वह स्वस्थ हुए। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान उन्हें पोषण सहायता के रूप में 500 रुपये भी मिले। कार्यक्रम के जरिए लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और नियमित उपचार के प्रति जागरूक किया गया।
बाइट- टुन्नू मंसूरी, टीबी को मात दे चुके व्यक्ति
अंतिम वीओ टीबी को लेकर जागरूकता, समय पर जांच और पूरा इलाज ही बीमारी से बचाव का प्रभावी तरीका है। जामताड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों से टीबी मुक्त भारत के संकल्प में सहभागी बनने की अपील की गई।
जामताड़ा से उज्ज्वल प्रसाद आजाद की रिपोर्ट।