जामिया में छात्रों का प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी:स्टूडेंट्स की पांच में से तीन मांगे पूरी, यूनिवर्सिटी में 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का आदेश
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दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों की 12 अक्टूबर से जारी भूख हड़ताल बुधवार को भी जारी है। यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों छात्रसंघ चुनाव सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। सोमवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव का ऐलान कर दिया। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि चुनाव की तारीख का ऐलान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
यूनिवर्सिटी में करीब 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने का आदेश जारी किया गया है। 24 अक्टूबर को छात्रों के बवाल के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस बंद कर क्लासेस ऑनलाइन कर दी गई थीं। गतिरोध के बीच, यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बुधवार को टूटी हुई खिड़कियों के सीन शेयर किए और आरोप लगाया कि छात्रों ने जबरन परिसर के कुछ हिस्सों में प्रवेश किया, जिससे निगरानी कैमरों और यूनिवर्सिटी की अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
15 दिन में चुनाव कराने का ऐलान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार को कहा कि छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी सस्पेंशन और कारण बताओ नोटिस रद्द करने का फैसला लिया है। साथ ही, आंदोलन के दौरान सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की जांच के लिए कमेटी बनाने का भी आश्वासन दिया।
छात्रों से मिले रजिस्ट्रार जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो.
मोहम्मद महताब आलम रिजवी सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे कैंपस पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की और प्रशासन का आदेश साझा किया। रजिस्ट्रार ने छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी मांगें मान ली गई हैं। हालांकि, छात्र संगठन ने कहा कि संविधान को मंजूरी देने की तारीख स्पष्ट नहीं है।
छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग पर भी जवाब मांगा है। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट समयसीमा और लिखित आश्वासन के आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। 2006 में भंग हुआ था छात्रसंघ जामिया में 2006 में छात्रसंघ भंग किए जाने के बाद से चुनाव नहीं हुए हैं। छात्रों की मांग है कि निर्वाचित छात्रसंघ बहाल किया जाए और उन्हें कैंपस से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए प्रतिनिधित्व मिले।
प्रशासन ने छात्रों से बातचीत के लिए सात प्रोफेसरों की कमेटी बनाई थी। 21 अक्टूबर को छात्रसंघ के संविधान
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar