जामिया में चुनाव की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन जारी:विरोध-प्रदर्शन के बीच कैंपस के गेट बंद; स्टूडेंट्स हिरासत में, सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज
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दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों का रविवार को भी छात्र, चुनाव की मांगों को लेकर विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसके तहत अचानक सभी क्लास ऑनलाइन कर दी गईं। छात्रों का आरोप है कि यह कैंपस खाली कराने और 'स्टूडेंट यूनियन' (छात्र संघ) को बहाल करने की उनकी मांग को दबाने की एक सोची-समझी चाल है।
गेट नंबर 4 पर एंट्री पाबंदियों को लेकर पुलिस और छात्रों के बीच बहस हो गई। जिन छात्रों के पास कॉलेज के रेगुलर आईडी कार्ड तो थे, लेकिन हॉस्टल आईडी नहीं थी, उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इधर, पुलिस ने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों को हिरासत में लिया है।
वहीं, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच जामिया में बिना अनुमति प्रवेश करने पर दिल्ली पुलिस ने सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है। स्टूडेंट्स को हिरासत में लेने की 2 तस्वीरें… यूनिवर्सिटी ने बंद किए सभी गेट, क्लासेस ऑनलाइन कीं यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शनिवार को घोषणा की कि अगले आदेश तक सभी कोर्स ऑनलाइन मोड में चलेंगे।
इसके साथ ही लाइब्रेरी, कैंटीन और मुख्य प्रवेश द्वारों जैसी जरूरी सुविधाएं भी बंद कर दी गईं, जिससे छात्रों के लिए कैंपस में आना-जाना मुश्किल हो गया और जो छात्र कैंपस के अंदर थे, वे अलग-थलग पड़ गए। 12 अक्टूबर से जारी है प्रदर्शन जामिया के छात्रों ने 12 अक्टूबर को प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की थी।
वे छात्रों की यूनियन बहाल करने की मांग कर रहे हैं। हिंसक झड़पों, शिक्षकों पर हमलों और कक्षाओं में बार-बार बाधा डालने की घटनाओं के चलते 2006 में JMI छात्र संघ को निलंबित कर दिया गया था। प्रदर्शन के शुरुआती दिनों में दिल्ली पुलिस ने कैंपस में तय प्रदर्शन स्थल से छात्रों को हटाने की कोशिश की थी।
इसके बाद प्रदर्शन और बढ़ गया। JNU की दीवारों पर 'नक्सलबाड़ी जिंदाबाद' नारे लिखे गए जामिया यूनिवर्सिटी के बाद जेएनयू में भी आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की बात सामने आई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी परिसर में आपत्तिजनक राजनीतिक नारे लिखे गए हैं, जिनमें 'उमर खालिद को रिहा करो' और 'नक्सलबाड़ी जिंदाबाद' जैसे नारे शामिल हैं।
ABVP ने प्रशासन से इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar