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जम्मू-कश्मीर में सरकार गिरने का खतरा:25 विधायकों की मांगें नहीं मानीं तो आज इस्तीफा दे सकते हैं; 5 साल में 3 बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां टूटीं

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
जम्मू-कश्मीर में सरकार गिरने का खतरा:25 विधायकों की मांगें नहीं मानीं तो आज इस्तीफा दे सकते हैं; 5 साल में 3 बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां टूटीं

जम्मू-कश्मीर में सीएम उमर अब्दुल्ला की सरकार गिर सकती है। पार्टी के 25 नाराज विधायकों ने उमर और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे श्रीनगर में उमर और फारूक इन विधायकों के साथ बैठक करेंगे। भास्कर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मांगें पूरी नहीं होने पर सभी 25 विधायक आज ही इस्तीफा दे सकते हैं।

विधायकों की प्रमुख मांगों में सीएम के सलाहकार नासिर सोगमी को हटाना, डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी से सड़क निर्माण विभाग वापस लेना या उन्हें पद से हटाना और सरकार के लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराना शामिल है। नाराज विधायकों ने 30 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच 5 सीक्रेट बैठकें कीं।

इस दौरान विधायकों ने मांगों और पार्टी से बातचीत की रणनीति बनाई। बता दें कि देश में 5 साल में 3 बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों में टूट हो चुकी है। श्रीनगर से सांसद मेहंदी ने भी नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ी नेशनल कॉन्फ्रेंस से श्रीनगर के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहंदी ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

इस दौरान उन्होंने कहा- यह आजादी का फैसला है। मैं एक शहीद की विरासत और पाक खून की नस्ल का प्रतिनिधित्व करता हूं। मैं अपनी आजादी के दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर रहा हूं। आज दोपहर 2:40 बजे से मैं नेशनल कॉन्फ्रेंस का हिस्सा नहीं हूं। इसके बाद गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ने आगा का इस्तीफा मंजूर कर लिया।

अब वो सांसद नहीं हैं। कैबिनेट विस्तार में कई दावेदारों को नहीं मिली जगह 27 अक्टूबर के कैबिनेट विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 4 विधायक अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू मंत्री बनाए गए। वहीं, निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था।

इस विस्तार में कई ऐसे वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बन सके, जिनके नाम की चर्चा थी। इनमें नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल भी शामिल हैं। मुबारक गुल को बाद में फारूक अब्दुल्ला ने अली मोहम्मद सागर की जगह पार्टी का महासचिव नियुक्त किया। उमर सरकार कैसे गिर सकती है, समझें सीटों का गणित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में कुल 95 सीटें हैं (90 निर्वाचित + 5 मनोनीत)।

मनोनीत की जाने वाली सभी सीटें खाली हैं। इसलिए सदन में बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए। अभी NC गठबंधन के पास 53 सीटें हैं। अगर 25 व

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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