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जमुई कांडः 'बेटी लेट आई,खुद को कमरे बंद कर लिया':मां बोली- उसकी आंखों में अभी भी इतनी दहशत, बाहर निकलने से डरती है

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
जमुई कांडः 'बेटी लेट आई,खुद को कमरे बंद कर लिया':मां बोली- उसकी आंखों में अभी भी इतनी दहशत, बाहर निकलने से डरती है

जमुई में सरेआम 10वीं छात्रा से हुई बदसलूकी और छेड़खानी के बाद पीड़िता की मां ने कहा- दोषियों को ऐसी सजा होनी चाहिए, जिससे दूसरे लोग ऐसा कुछ भी करने से डरें। पीड़िता के माता-पिता ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। जिसमें 19 सितंबर की शाम हुई घटना को लेकर उन्होंने कई खुलासे किए। मां ने बताया कि बेटी घर आई और सो गई।

सुबह देर से उठी, रात तक कुछ नहीं बोला। सुबह इलाके में चर्चा थी, लेकिन उस वक्त तक हमें कोई जानकारी नहीं थी। घटना को लेकर मां-पिता ने क्या-क्या बताया, कैसे घटी पूरी घटना पढ़िए… मां बोली- बेटी देर से आई, गुमसुम थी मां ने भास्कर को बताया, 'बेटी रात 9 बजे घर आई थी। रोजाना से थोड़ी लेट थी, लेकिन उसे परेशान और थका हुआ देखकर मैंने उस वक्त कोई सवाल नहीं किया।

वह सीधे कमरे में गई, रूम बंद किया, चेंज करके लेट गई। मैंने थोड़ी देर बाद उसे खाना खाने के लिए बुलाया, तो वो आई। बेमन से थोड़ा सा खाना खाया। खाते वक्त भी उसने कुछ नहीं कहा। मैंने पूछा कि कोई बात है क्या?

इस पर उसने नॉर्मल जवाब दिया और कहा- सब ठीक है। खाना खाने के बाद वह कमरे में जाकर सो गई। अगले दिन देर तक सोती रही। रविवार का दिन था, इसलिए मैंने उसे नहीं उठाया। आखिर में जब ज्यादा देर हुई तो मैंने उसे 10 बजे नाश्ते के लिए उठाया। उठने के बाद वह नाश्ता करके वापस कमरे में चली गई। कोई बातचीत नहीं की।' ‘उसे परेशान देखकर ज्यादा सवाल नहीं किया’ 'अक्सर पहले भी वह शांत-शांत सी रही है, तो मैंने ज्यादा सवाल नहीं किया।

मैं उसे परेशान नहीं करना चाहती थी। थोड़ी देर बाद यानी दोपहर में जब देखा तो वह कॉपी पर कुछ लिख रही थी। मैंने सोचा कि पढ़ाई कर रही है। यह सोचकर वापस चली आई। शाम तक ऐसा ही रहा। ‘20 सितंबर की शाम मुझे घटना की जानकारी मिली’ 'मैंने सीधे कुछ नहीं पूछा। मैंने सोचा कि पहले उसके पिता को बताऊं, इसके बाद दोनों मिलकर बेटी से बात करेंगे।

पिता जब घर आए, तो मैंने उन्हें वायरल वीडियो के बारे में बताया। अब तक यह वीडियो सिर्फ जमुई जिले और आसपास में ही था। पिता के घर आने के बाद मैंने बेटी को बुलाया। हम दोनों साथ में बैठे और उसे अपने पास बुलाया। हमारे पास आते ही वह रोने लगी। घबरा रही थी। मैंने कहा- क्या हुआ?

क्यों डर रही हो? कुछ बात है क्या?

अगर बात है भी तो डरो मत, हम हैं न साथ। बताओ क्या हुआ। हम दोनों ने उसे काफी भरोसे में लिया। फ

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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