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जन सुनवाई में एमडी सख्त, 20 शिकायत मौके पर निस्तारित:समस्या लेकर उपभोक्ता काट रहे थे चक्कर, एमडी ने अभियंताओं को तलब कर कराया समाधान

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
जन सुनवाई में एमडी सख्त, 20 शिकायत मौके पर निस्तारित:समस्या लेकर उपभोक्ता काट रहे थे चक्कर, एमडी ने अभियंताओं को तलब कर कराया समाधान

पश्चिमाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के एमडी रविश गुप्ता ने मंगलवार को डिस्कॉम मुख्यालय पर आयोजित जन सुनवाई में उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि दफ्तरों में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से सुनें और पारदर्शी तरीके से उनका समाधान कराएं।

जन सुनवाई में बिजली बिल, सोलर कनेक्शन, मीटर, नए बिजली कनेक्शन और ट्रांसफार्मर समेत विभिन्न समस्याओं से जुड़ी 20 शिकायतें पहुंचीं। एमडी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर सभी शिकायतों का निस्तारण कराया। सोलर कनेक्शन पर अधिशासी अभियंता तलब रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार फेस-1 निवासी सुनील कुमार सोलर कनेक्शन और सोलर यूनिट के एडजस्टमेंट से जुड़ी समस्या को लेकर परेशान थे।

शिकायत के अनुसार, उनकी समस्या का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा था। जनसुनवाई में मामला सामने आने पर एमडी रविश गुप्ता ने नाराजगी जताई और अधिशासी अभियंता, कमर्शियल प्रथम मेरठ को तत्काल तलब किया। उन्होंने मौके पर ही समस्या का निस्तारण कराया। लंबे समय से परेशान सुनील कुमार ने समाधान होने पर एमडी का आभार जताया।

बिल में पता बदलवाने के लिए काट रहे थे चक्कर शताब्दीनगर स्थित पंचवटी एनक्लेव निवासी आशुतोष गोयल ने बिजली बिल में दर्ज पते को संशोधित कराने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। आखिरकार उन्हें एमडी की जन सुनवाई में शिकायत करनी पड़ी।

एमडी ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद मौके पर ही उनकी समस्या का समाधान करा दिया गया। तकनीकी शिकायतें तकनीकी टीम को भेजने के निर्देश जन सुनवाई में अत्यधिक बिजली बिल, नए संयोजन, खराब मीटर, ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत सेवाओं से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं।

एमडी ने अभियंताओं को निर्देश दिए कि शिकायत की प्रकृति के अनुसार उसका निस्तारण सुनिश्चित करें। तकनीकी समस्या होने पर संबंधित तकनीकी टीम को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जबकि विभागीय जांच से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। जन सुनवाई में यह अधिकारी रहे मौजूद जनसुनवाई के दौरान निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन आशु कालिया, निदेशक वाणिज्य संजय जैन, निदेशक वित्त स्वतंत्र कुमार और निदेशक तकनीकी एनके मिश्र मौजूद रहे। इनके अलावा मुख्य अभियंता मोहम्मद सगीर, राजकुमार, राजेश कुमार, गुलाब सिंह, गुरजीत सिंह और रजनीकांत मिश्रा भी उपस्थित रहे।

📡 स्रोत: NewsData.io

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