जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के बाद ABVP की पहली बड़ी जीत, DUSU फतह के मायने?
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दिल्ली यूनविर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने जीत का परचम लहराया है. एबीवीपी ने अध्यक्ष पद समेत कुल चार में से तीन मुख्य सीटों पर जीत हासिल की है.
वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने बाजी मारी है.
एक समय NSUI इस चुनाव में आगे नजर आ रही थी, लेकिन उसे किसी भी पद पर जीत हासिल नहीं हुई है.
NSUI-ABVP के बीच नेक टू नेट टक्कर दिखाई दे रही थी, लेकिन 19वें राउंड की काउंटिंग के बाद रिजल्ट पूरी तरह से साफ हो गए.
इस चुनाव में एबीवीपी के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है.
उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की है. वह निर्दलीय इस चुनाव को लड़ रहे थे. इसके अलावा सेक्रेटरी के पद पर रिया छावड़ी ने जीत हासिल की है.
साथ ही ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर लक्ष्यराज सिंह जो एबीवीपी से उम्मीदवार थे, उन्होंने जीत दर्ज की है.
एबीवीपी के लिए इस जीत के मायने?
ऐसे में इस जीत को एबीवीपी के लिए अहम माना जा रहा है. यह छात्र संघ के चुनाव जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के ठीक बाद हुए हैं.
वहीं, पीएम मोदी ने SRCC कॉलेज में अपने भाषण के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था.
जंतर-मंतर जैसे व्यापक छात्र आंदोलन के बाद एबीवीपी की इस तरह से बड़ी वापसी मानी जा रही है.
DUSU का फुलफॉर्म दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन है. यह दिल्ली यूनिवर्सिटी की यूनियन है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी को एक तरह से मिनी इंडिया माना जाता है. ऐसे में सबसे अहम छात्र संघ चुनावों में गिना जाता है. दिल्ली यूनिवर्सिटी देश की सबसे मुख्यधारा और कॉस्मोपॉलिटन यूनिवर्सिटी है.
यानी छात्र संघ के चुनाव के परिणाम को भारत की राय मानी जा सकती है.
डुसू में एबीवीपी की यह जीत अपने आप में एक बड़ा मैसेज है.
यानी माना जा सकता है कि युवा आगे बढ़ने की चाह रखने वाले भारत, विकास और राष्ट्रवाद की सोच को पसंद कर रहे हैं. इसके अलावा पीएम मोदी की अपील ने भी इस चुनाव में कहीं हद तक फायदा ही दिया है.
उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लग
📡 स्रोत: ABP Live