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जापान में आफत की बारिश, टोक्यो के दो इलाकों में लेवल-5 भूस्खलन चेतावनी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
जापान में आफत की बारिश, टोक्यो के दो इलाकों में लेवल-5 भूस्खलन चेतावनी

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाएची ने बताया क‍ि टोक्यो के ओशिमा नगर 'लेवल-5 भूस्खलन आपदा विशेष चेतावनी' जारी की गई है. इन क्षेत्रों में काफी बार‍िश के बाद भूस्खलन की संभावना बनी हुई है.

इससे पहले टोक्‍यो के ही नीइजीमा गांव के ल‍िए चेतावनी जारी की गई थी। पीएम ने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी जापान से लेकर उत्तरी जापान तक प्रशांत महासागर की तरफ के बड़े हिस्से में एक 'फ्रंट' और एक 'ट्रॉपिकल डिप्रेशन' (जो पहले टाइफून था) के असर से भारी बारिश हो सकती है.

लोगों से भूस्खलन, निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर बढ़ने और संभावित बाढ़ को लेकर पूरी सतर्कता बरतने की अपील की गई है.

प्रधानमंत्री तकाएची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट पर खतरे की जानकारी साझा कर लोगों से सुरक्ष‍ित स्‍थानों पर जाने की अपील की.

उन्‍होंने पोस्‍ट में ल‍िखा, ''टोक्यो के नीइजीमा गांव के अलावा अब टोक्यो के ओशिमा नगर के लिए भी 'लेवल-5 भूस्खलन आपदा विशेष चेतावनी' जारी की गई है. इन क्षेत्रों में अभूतपूर्व स्तर की भारी बारिश हो रही है.

खासकर भूस्खलन जोखिम वाले इलाकों में यह संभावना बहुत अधिक है। पहले ही कई घटनाएं हो चुकी हैं.'' पीएम तकाएची ने लोगों से अपील करते हुए कहा क‍ि खतरे की संभावना बनी हुई है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और तुरंत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें.

उन्‍होंने कहा क‍ि यदि राहत श‍िव‍िर तक जाना खतरनाक हो, तो जोखिम न उठाए अपनी जान बचाने को प्राथमिकता दें.

चट्टानों, पहाड़ियों की ढलानों या नदी किनारों से दूर किसी अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में अन्य नगरपालिकाओं के लिए भी 'लेवल-5' विशेष चेतावनी जारी की जा सकती है.

इसके अलावा, जिन इलाकों में फिलहाल 'लेवल-5' चेतावनी जारी नहीं हुई है, वहां भी खतरा बना हुआ है.

सरकार ने कहा है कि 'लेवल-5 भूस्खलन आपदा विशेष चेतावनी' जारी होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के संकट प्रबंधन केंद्र में स्थापित प्रधानमंत्री कार्यालय संपर्क कक्ष के माध्यम से पूरी तैयारी के साथ स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

इसके तहत स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय, जनता तक समय पर और सही जानकारी पहुंचाना, किसी भी नुकसान का आकलन करना और 'सबसे पहले लोगों की जान बचाने' की नीति के आधार पर आपातकालीन राहत और बचाव उपाय लागू करना शामिल है. Input: IANS

📡 स्रोत: NewsData.io

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