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जयपुर में हाई रिस्क गर्भवतियों की सघन जांच, एनीमिया पीड़ितों को लगे एफसीएम इंजेक्शन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
जयपुर में हाई रिस्क गर्भवतियों की सघन जांच, एनीमिया पीड़ितों को लगे एफसीएम इंजेक्शन

जयपुर में सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत गर्भवती महिलाओं की व्यापक एएनसी जांच कर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान की गई। विशेषज्ञों द्वारा गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन सहित आवश्यक उपचार व परामर्श उपलब्ध कराया गया।

जयपुर, 18 सितंबर: सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर जयपुर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए सघन प्रसव पूर्व जांच (ANC) शिविर आयोजित किए गए। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं की विस्तृत जांच कर 'हाई रिस्क प्रेग्नेंसी' (HRP) की पहचान की और उन्हें त्वरित उपचार व परामर्श प्रदान किया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (जयपुर प्रथम) डॉ. रवि शेखावत और (जयपुर द्वितीय) डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और गर्भावस्था की जटिलताओं को समय रहते रोकना है।

जांच व उपचार के मुख्य बिंदु:

एनीमिया पर प्रहार: रक्त की गंभीर कमी से पीड़ित गर्भवतियों को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज (FCM) के इंजेक्शन लगाए गए, ताकि हीमोग्लोबिन के स्तर में तेजी से सुधार लाया जा सके।

संपूर्ण स्वास्थ्य जांच: महिलाओं के रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, वजन, मूत्र परीक्षण, एचआईवी जांच और भ्रूण की हृदय गति (FHR) की जांच की गई।

विशेषज्ञ परामर्श: गर्भवतियों को पौष्टिक आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन, समय पर संस्थागत प्रसव, नवजात की देखभाल, 6 महीने तक केवल स्तनपान कराने और प्रसवोत्तर देखभाल के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

हाई रिस्क के रूप में चिन्हित की गई महिलाओं के लिए नियमित फॉलोअप और निरंतर चिकित्सा निगरानी की व्यवस्था की गई है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।