जयपुर: पीएम ई-बस सेवा योजना को लेकर मुख्य सचिव की बैठक, 8 शहरों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
जयपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में पीएम ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु संचालन, बस डिपो के लिए भूमि, चार्जिंग सुविधाओं और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रदेश के 8 शहरों के लिए कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 250 बसों की डिलीवरी हो चुकी है।
जयपुर, 22 अक्टूबर। राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने पीएम ई-बस सेवा योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने की कवायद शुरू कर दी है। जयपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु संचालन, बस डिपो में जरूरी सुविधाओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को सभी लंबित कार्य प्राथमिकता से पूरे करने के निर्देश दिए। जयपुर के शासन सचिवालय में गुरुवार को पीएम ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर समन्वय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आए और बस डिपो में जरूरी सुविधाएं समय पर विकसित की जाएं।
बैठक में जयपुर में संचालित सरकारी और निजी बसों की संख्या, उनकी कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने विभिन्न बस सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड को क्रियाशील बनाने और संचालन की प्रभावशीलता मापने के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक यानी केपीआई निर्धारित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया गया। जयपुर के टोडी डिपो में बिजली कनेक्शन से संबंधित लंबित कार्य, प्रस्तावित बस डिपो के लिए भूमि की उपलब्धता और चार्जिंग स्टेशन विकसित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही निजी बस संचालकों को इलेक्ट्रिक बसों की ओर प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया। योजना के तहत अब तक यात्रा करने वाले यात्रियों की कुल संख्या, प्रतिदिन औसत यात्री संख्या और किराये से होने वाली आय के आधार पर भी संचालन की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन ने बैठक में बताया कि पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के आठ शहरों के लिए कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं।
इनमें जयपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, अजमेर, अलवर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर शामिल हैं। अब तक 250 इलेक्ट्रिक बसों की डिलीवरी हो चुकी है। बैठक में विभिन्न शहरों में प्रस्तावित बस डिपो के लिए भूमि की आवश्यकता और जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड सहित निजी बसों के संचालन एवं निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
कुल मिलाकर, पीएम ई-बस सेवा योजना को लेकर राज्य सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के साथ-साथ जरूरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर है। अब संबंधित विभागों के सामने बस डिपो, बिजली कनेक्शन और चार्जिंग सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौती है। इन व्यवस्थाओं के बेहतर होने से प्रदेश के आठ शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक सुगम और आधुनिक बनाने में मदद मिल सकती है।