जयशंकर की कूटनीति से अमेरिका के सामने आया 26/11 का सच, रूबियो को सुनाई ताज हमले की कहानी
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विदेश मंत्री एस.
जयशंकर ने एक बार फिर पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद का मुद्दा अमेरिका के सामने उठाया.
मंगलवार को मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी.
इस दौरान जयशंकर ने ताज होटल के सुरक्षा प्रमुख रहे सुनील कुडियाडी से रूबियो की मुलाकात कराई.
सुनील ने खुद 2008 के उस हमले को देखा था और अमेरिकी विदेश मंत्री को बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने करीब 60 घंटे तक ताज होटल को अपने कब्जे में रखा था.
रूबियो को चश्मदीद ने बताया, कैसे ताज होटल में घुसे थे आतंकी
2008 के हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद जयशंकर ने सुनील कुडियाडी को रूबियो से मिलवाया. सुनील हमले के समय ताज होटल में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
जयशंकर ने रूबियो से उनका परिचय कराते हुए बताया कि वह उस समय होटल की सुरक्षा के प्रभारी थे और उन्होंने हमले के दौरान लोगों को सतर्क करने में अहम भूमिका निभाई थी.
रूबियो ने सुनील से पूछा कि आतंकी होटल में कैसे दाखिल हुए थे.
सुनील ने बताया कि आतंकी रात के समय होटल में घुसे थे और रसोई के रास्ते छठी मंजिल तक पहुंच गए थे. जयशंकर ने बताया कि होटल की रसोई में भी कई लोगों की जान गई थी.
सुनील के मुताबिक, आतंकियों का हमला करीब 60 घंटे तक चला.
इस दौरान ताज होटल के 31 कर्मचारियों और प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों की मौत हो गई.
जयशंकर ने बताया कि आतंकियों ने लोगों को अंदर ही फंसा दिया था और उन्हें बाहर निकालने के लिए लंबा अभियान चलाना पड़ा.
दो रात और तीन दिन तक होटल में फंसे रहे मेहमान
26 नवंबर 2008 को रात करीब नौ बजे जब आतंकी ताज होटल पहुंचे, तब वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. इनमें विदेशी मेहमान भी शामिल थे.
चार हथियारबंद आतंकियों ने होटल के अंदर अंधाधुंध गोलीबारी की और लोगों को निशाना बनाया. अगले दो रात और तीन दिन तक सैकड़ों मेहमान और कर्मचारी होटल के अंदर फंसे रहे.
आतंकी होटल के गलियारों में घूमते हुए लोगों पर हमला कर रहे थे. इस मुश्किल समय में त
📡 स्रोत: ABP Live