जेल में गांजा-मोबाइल का खेल, मिलीभगत पर होगी कार्रवाई
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दौसा सेंट्रल जेल श्यालावास में सर्च ऑपरेशन के दौरान 556 ग्राम गांजा, मोबाइल फोन और स्मोकिंग रोल बरामद हुए। डीजी जेल ने कहा—मिलीभगत या लापरवाही प्रमाणित हुई तो जिम्मेदार कार्मिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दौसा, 5 अक्टूबर। सेंट्रल जेल श्यालावास में गांजा और मोबाइल मिलने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। जेल में अवांछित सामग्री पहुंचने की सूचना के बाद दौसा पुलिस ने औचक सर्च ऑपरेशन चलाया। लालसोट एएसपी विनोद सीपा के नेतृत्व में करीब 150 पुलिसकर्मियों ने जेल की विभिन्न बैरकों और परिसर में सघन तलाशी ली।
तलाशी के दौरान बाथरूम के पास जमीन में गड़ा हुआ एक थैला बरामद हुआ। थैले के अंदर रखे डिब्बे से 556 ग्राम गांजा, मोबाइल फोन और स्मोकिंग रोल मिले। मामले में पापड़दा थाने में NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अब पूरे मामले की जांच राहुवास थानाधिकारी सुरेश कुमार कर रहे हैं।
एएसपी विनोद सीपा ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद यह सामने आएगा कि जेल के अंदर नशीले पदार्थ और मोबाइल किस माध्यम से पहुंचे और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वहीं जेल डीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जेल में अवांछित सामग्री होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद रेंज आईजी जयपुर राहुल प्रकाश को इनपुट देकर औचक सर्च अभियान करवाया गया।
डीजी जेल ने कहा कि जेल में गांजा और मोबाइल मिलने के मामले की जांच के साथ यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं जेल स्टाफ की मिलीभगत से तो अवांछित सामग्री अंदर नहीं पहुंची। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस भी कार्मिक की मिलीभगत या लापरवाही जांच में प्रमाणित होगी, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि सेंट्रल जेल श्यालावास में इससे पहले भी नशीले पदार्थ और मोबाइल मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
बाईट, - विनोद सीपा, लालसोट ASP
🎙️ जनता का संदेश का मत
जेल में गांजा-मोबाइल का खेल सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि समाज की नीतियों पर सवाल उठाता है। जब नियमों की अवहेलना होती है, तो नतीजे अनिवार्य होते हैं। हमें अपने संस्थानों की निगरानी सुदृढ़ करनी चाहिए और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही, समाज को जागरूक करना चाहिए कि व्यक्तिगत अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी से ही सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल बनता है।