झांसी में पारीछा बांध से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा:भारी बारिश से बेतवा नदी उफनाई, सुकुवां-ढुकुवां डैम भी ओवरफ्लो
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →झांसी समेत मध्य प्रदेश में हो रही भारी बारिश के चलते बेतवा नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शुक्रवार रात को पारीछा बांध से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस नदी पर बना सुकुवां-ढुकुवां बांध भी ओवरफ्लो हो गया है। इसे देखते हुए निचले इलाकों में नदी के किनारे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
ग्रामीणों को नदी के किनारे न जाने की चेतावनी दी गई है। इस मानसूनी सीजन में पहली बार इतनी अधिक मात्रा में बांध से पानी छोड़ा गया है। तीन दिन में यमुना के रास्ते इस पानी के प्रयागराज पहुंचने की संभावना है। 3 तस्वीरें नदी पर बने सभी बांध भर चुके हैं भोपाल, विदिशा, झांसी समेत आसपास के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से बेतवा नदी के बहाव में तेजी बनी है।
बेतवा नदी पर बने लगभग सभी बांध अपनी क्षमता के मुताबिक भर चुके हैं। इस वजह से अब इन बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। डाउन स्ट्रीम में बने पारीछा एवं सुकुवां-ढुकुवां बांध से शुक्रवार रात करीब दो लाख क्यूसिक की दर से पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, अप स्टीम में बने माताटीला बांध से शुक्रवार रात 1.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए 20 गेट खोले गए।
पानी की रफ्तार बढ़ने की संभावना एक्सईएन पंकज सिंह ने बताया- माताटीला बांध के 11 गेट 6 फुट एवं 9 गेट 8 फुट की ऊंचाई पर खोले गए। देर-रात पानी की रफ्तार बढ़ने की संभावना है। उधर, राजघाट बांध से शुक्रवार रात करीब 10 बजे 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से चंदेरी-ललितपुर मार्ग पर भी आवागमन रोक दिया गया।
इसके अलावा अन्य सहायक नदियों पर स्थित लहचूरा से 87,900 क्यूसेक, पहाड़ी से 84,806 क्यूसेक और बड़वार से 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। 1.67 मीटर बढ़ा बेतवा नदी का जलस्तर बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से बेतवा नदी के जलस्तर बढ़ता जा रहा है। 28 अगस्त से शुक्रवार तक नदी में 1.67 मीटर का इजाफा दर्ज हुआ।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 28 अगस्त को नोटघाट पर नदी का जलस्तर 193.97 मीटर रिकॉर्ड हुआ। वहीं, शुक्रवार को 195.58 मीटर दर्ज हुआ। औसतन 23 सेंटीमीटर की रफ्तार से नदी के जलस्तर में इजाफा हुआ। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से नीचे है। यहां खतरे का निशान 205 मीटर है वहीं, बेतवा समेत धसान एवं पहूज नदी में भी तेजी बनी हुई है।
📡 स्रोत: NewsData.io