झारखंड के एक और खिलाड़ी की टीम इंडिया में होगी एंट्री! ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ठोका शतक
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झारखंड से आने वाले युवा विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र इन दिनों लगातार अपने बल्ले से छाप छोड़ रहे हैं.
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में शतक लगाने के बाद अब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंडिया के लिए भी सेंचुरी मार दी है.
उनकी इस शानदार पारी ने एक बार फिर दिखा दिया कि झारखंड से आने वाला ये युवा खिलाड़ी बड़ी पारियां खेलने का दम रखता है.
इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच खेला जा रहा है.
इस मुकाबले में कुमार कुशाग्र ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 240 गेंदों पर 113 रन बनाए. उन्होंने 202 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. मैच के पहले दिन कुशाग्र 82 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे.
लेकिन, दूसरे दिन वह फिर बल्लेबाजी करने उतरे और आते ही पहली गेंद पर चौका जड़ दिया. इसके बाद उन्होंने अपनी पारी को शतक तक पहुंचाया.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी ठोकी थी सेंचुरी
कुशाग्र का बल्ला पिछले कुछ समय से लगातार रन बरसा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक से पहले उन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी सेंचुरी लगाई थी. इस मुकाबले में उन्होंने 101 रन की पारी खेली थी.
अब लगातार दो बड़े मुकाबलों में शतक लगाकर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है.
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 7वां शतक
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाया गया शतक कुशाग्र के फर्स्ट क्लास करियर का 7वां शतक है. 21 साल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 37 फर्स्ट क्लास मैचों की 58 पारियों में 7 शतक और 6 अर्धशतक लगाए हैं.
उन्होंने 2022 में दिल्ली के खिलाफ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था.
झारखंड से निकले हैं कई विकेटकीपर
कुमार कुशाग्र झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं. झारखंड ने भारतीय क्रिकेट को ईशान किशन जैसे विकेटकीपर बल्लेबाज भी दिए हैं. अब कुशाग्र भी लगातार अपने प्रदर्शन से चर्चा में आ रहे हैं.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंडिया की पहली पारी 334 रन पर खत्म हुई. एक समय टीम ने 97 रन तक ही 5 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद तनुश कोटियान ने 6
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
झारखंड के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में शतक लगाकर अपनी पहचान बनाई और अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में भी सेंचुरी मार दी है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि राज्य से उभरते खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर भी तेज़ी से कदम रख रहे हैं। कुशाग्र की लगातार सफलता से झारखंड के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और राज्य के खेल विकास कार्यक्रमों की प्रभावशीलता भी प्रमाणित होगी। आम जनता के लिए यह गर्व का कारण बन सकता है और खेल में निवेश तथा युवा प्रतिभा को ब