जिसे पकड़ने गई NIA वो हुआ फरार, दूसरे के पास से 20 लाख मिलने से हड़कंप
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पटना के चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की छापेमारी से हड़कंप मच गया.
NIA की टीम STF और स्थानीय पुलिस के साथ एक अपार्टमेंट में संदिग्ध संदीप गुप्ता की तलाश में पहुंची थी, लेकिन छापेमारी के दौरान उसका कोई पता नहीं चला.
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को उसके अपार्टमेंट में छिपे होने की सूचना मिली थी.
इसी दौरान अपार्टमेंट के दूसरे फ्लैट में रहने वाला एक कारोबारी NIA और पुलिस की मौजूदगी देखकर घबरा गया और स्कूटी से वहां से निकलने लगा.
STF और चित्रगुप्तनगर थाना पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया.
तलाशी के दौरान उसकी स्कूटी की डिक्की में रखे बैग से करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद हुए.
स्कूटी की डिक्की में मिला कैश
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान आधार कार्ड के आधार पर अनमोल कुमार मोदी के रूप में हुई है.
वह पूर्वी चंपारण के चकिया के वार्ड नंबर-7 का रहने वाला बताया गया है और कारोबार करता है.
पुलिस ने उससे बरामद नकदी के संबंध में पूछताछ की और रकम के स्रोत तथा उसके इस्तेमाल के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की.
पूछताछ के बाद बॉन्ड पर छोड़ा
पूछताछ के बाद पुलिस ने अनमोल कुमार मोदी को बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया.
हालांकि करीब 20 लाख रुपये नकद मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है.
अब आयकर विभाग यह जांच करेगा कि कारोबारी के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई, रकम वैध है या नहीं और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था.
NIA के हाथ खाली, संदीप की तलाश जारी
NIA की कार्रवाई का मुख्य टारगेट संदिग्ध संदीप गुप्ता था.
एजेंसी को उसके अपार्टमेंट में होने की सूचना मिली थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही उसके फरार होने की बात सामने आई है.
छापेमारी में उसके नहीं मिलने के बाद NIA अब उसकी तलाश और उससे जुड़े संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है.
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर पटना के चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा संदीप गुप्ता को पकड़ने के प्रयास में हुई है, जहां वह फरार हो गया और 20 लाख रुपये की रकम मिलने से हड़कंप हुआ। यह विषय एक गंभीर अपराध केस की जांच और गिरफ्तारी प्रयास को दर्शाता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें NIA की कार्यवाही और उसके बाद की घटनाओं से कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि नागरिकों को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता महसूस हो और सरकारी एजेंसियों क
🎙️ जनता का संदेश का मत
न्याय की खोज में धैर्य और सच्चाई की आवश्यकता है। जब अपराधियों को छिपने का मौका मिलता है, तो समाज को कानूनी प्रक्रियाओं पर भरोसा करना चाहिए, न कि हिंसा पर। सहानुभूति से प्रभावितों का साथ दें, और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ। सत्य की खोज में धैर्य और संवाद से ही समाज में शांति और न्याय की नींव मजबूत होती है।