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जीवन में लक्ष्य निर्धारण के साथ अनुशासन और बेहतर संवाद कौशल जरूरी: राजेश धर्माणी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
जीवन में लक्ष्य निर्धारण के साथ अनुशासन और बेहतर संवाद कौशल जरूरी: राजेश धर्माणी

बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर दिया जोर, कम्युनिकेशन क्लब बनाने के दिए निर्देश

अक्तूबर 14, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों में स्कूल स्तर से ही नेतृत्व क्षमता विकसित की जानी चाहिए, ताकि वे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें।

उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के भीतर मंच पर बोलने का आत्मविश्वास विकसित करने तथा स्टेज फियर को दूर करने के लिए कार्य करने पर बल दिया। राजेश धर्माणी आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पनोह में विद्यार्थियों के साथ आयोजित संवाद सत्र कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने के साथ-साथ अनुशासन को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रातःकाल जल्दी उठना, नियमित व्यायाम करना, पूजा-पाठ करना तथा समय सारिणी के अनुसार अपने कार्य पूरे करना जीवन में सफलता प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की सलाह दी। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि बदलते समय और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए नए कौशल सीखना आवश्यक हो गया है। उन्होंने बेहतर संवाद कौशल को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि अपनी बात को इतनी सहजता व सरलता के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि सामने वाला व्यक्ति उसे सही अर्थों में समझ सके।

उन्होंने शिक्षकों को स्कूल में कम्युनिकेशन क्लब स्थापित करने के भी निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी बात रखने, विचार साझा करने और मंच पर बोलने का नियमित अवसर प्राप्त हो सके। धर्माणी ने कहा कि जीवन में व्यवहार कौशल का भी विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा श्रोता बनना, दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनना, समझना और उसके बाद उचित प्रतिक्रिया देना भी प्रभावी संवाद का अहम हिस्सा है।

उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक व्यवहार और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही जीवन में छोटी-बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहने को भी कहा। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन में सही निर्णय लेने, अपनी जिम्मेदारियों को समझने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की क्षमता विकसित करना भी है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य रचनात्मक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। इससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होगा और उनमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता तथा आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होंगे। इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा (स्कूल) नरेश चंदेल सहित स्कूल के सभी अध्यापक उपस्थित रहे।

कैप्शन: विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए मंत्री राजेश धर्माणी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।