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कैबिनेट ने ITLA की स्थापना और SME ग्रोथ फंड को दी मंजूरी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
कैबिनेट ने ITLA की स्थापना और SME ग्रोथ फंड को दी मंजूरी

अक्टूबर 06, नई दिल्ली: देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक एकीकृत, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी यानी ITLA की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव बताया कि ITLA को एक स्पेशल पर्पज व्हीकल के तौर पर स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट प्लानिंग को मजबूत करना है। ITLA देश में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट अप्रेजल, मॉनिटरिंग, पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स के लिए शीर्ष संस्थान के तौर पर काम करेगा।

इसके तहत 10 साल या उससे अधिक की अवधि वाला नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, सिविल एविएशन, अंतर्देशीय जलमार्ग, कोस्टल शिपिंग, अर्बन मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स को एक साझा योजना के तहत जोड़ा जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छोटे और मध्यम उद्यमों यानी एसएमई के विकास को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इस फंड के जरिए देश की संभावनाशील एसएमई कंपनियों में सीधा इक्विटी निवेश किया जाएगा, ताकि उन्हें कारोबार बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक बाजारों में विस्तार करने के लिए दीर्घकालिक पूंजी मिल सके।

फंड में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की छोटी और मध्यम कंपनियों पर विशेष जोर रहेगा। टियर-2 और टियर-3 शहरों के औद्योगिक क्लस्टरों में काम करने वाली एसएमई को भी इसका लाभ मिलेगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य एसएमई को बड़े और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों में बदलना है।

इससे निवेश, नवाचार, निर्यात और गुणवत्तापूर्ण रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उनके नेतृत्व और योगदान की सराहना करते हुए प्रस्ताव पारित किया। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह यात्रा अब देश के प्रधानमंत्री के रूप में जारी है।

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, सशक्तिकरण, सुधार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों को रेखांकित किया। प्रस्ताव में महिलाओं, गरीबों और ओबीसी के सशक्तिकरण के साथ जनधन, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने, 4 करोड़ से अधिक घरों और 60 करोड़ से ज्यादा जनधन खातों जैसी उपलब्धियां इस यात्रा का हिस्सा हैं।

कैबिनेट ने जीएसटी, डिजिटल भुगतान, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे सुधारों को भी महत्वपूर्ण बदलाव बताया। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख, अनुच्छेद 370 हटाने, पूर्वोत्तर में शांति प्रयासों और भारत की वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के साथ विरासत, संस्कृति और जिम्मेदारी को भी महत्व दिया।

योग को वैश्विक पहचान दिलाने और जी-20 जैसे आयोजनों के जरिए भारत की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया गया।

बाइट: अश्विनी वैष्णव, सूचना एवं प्रसारण मंत्री(वीडियो कैप्शन: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) की स्थापना को मंजूरी दी। साथ ही 10 हजार करोड़ रुपये के SME ग्रोथ फंड को भी मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर कैबिनेट ने उनके नेतृत्व और योगदान की सराहना करते हुए प्रस्ताव पारित किया।)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।