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कैप्टन मच्छार के सम्मान में अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पास, आंतकी हमले को रोकने के लिए तारीफ की

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
कैप्टन मच्छार के सम्मान में अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पास, आंतकी हमले को रोकने के लिए तारीफ की

अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है. प्रस्ताव को दोनों पार्टियों का समर्थन मिला है.

प्रस्ताव में 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान, कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ की गई. प्रस्ताव में घटना को आतंकी हमला बताया गया है.

प्रस्ताव में हमाम अल-हम्मामी को पकड़ने में मदद करने वाले यात्रियों की भी सराहना की गई थी. फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी.

उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर हमला हुआ था और वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को पकड़ लिया.

विमान को सऊदी अरब के ताबुक ले जाया गया, जहां कैप्टन मच्छर का इलाज किया गया.

कैप्टन को बचाने के लिए 45 मिनट तक जुटे रहे डेंटिस्ट हमले के बाद फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसेव ने कैप्टन स्मित को लगभग 45 मिनट तक संभाले रखा. चीखने की आवाज सुनकर डॉ.

मुसेव कॉकपिट पहुंचे थे, जहां कैप्टन फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे.

उन्होंने तुरंत खून रोकने का प्रयास किया और कैप्टन को होश में रखने के लिए लगातार उनसे बातचीत करते रहे. डॉ. मुसेव ने बताया कि कैप्टन के सिर और बाएं हाथ पर गहरे घाव थे.

उन्होंने टी-शर्ट से घाव को दबाने की कोशिश की, लेकिन खून नहीं रुका. इसके बाद उन्होंने क्रू से बर्फ मंगाई. करीब 45 मिनट तक वे लगातार घावों पर दबाव बनाते रहे और बर्फ लगाते रहे.

उनका कहना था कि जब भी वे टी-शर्ट हटाकर घाव देखते, खून फिर से तेजी से बहने लगता था. होश में रखने के लिए पूछे सवाल कैप्टन को होश में रखने के लिए डॉ. मुसेव उनसे लगातार बातें करते रहे.

उन्होंने पूछा, “आपके कितने बच्चे हैं और उनके नाम क्या हैं?” वह कैप्टन को यह भरोसा भी दिलाते रहे कि वे जल्द ही अपने परिवार के पास पहुँच जाएंगे. कैप्टन ने अपना नाम और उम्र बताई.

उन्होंने कहा कि वह दुबई में रहते हैं और मूल रूप से भारत से हैं. दर्द से कराहते हुए उन्होंने कहा, “मेरी मदद कीजिए. मैं जीना चाहता हूँ, यहां मरना नहीं चाहता.” डॉ. मुसेव के अनुसार, एक समय कैप्टन की नब्ज बहुत धीमी हो गई थी.

उन्होंने उनके पैर ऊपर उठाए, जिससे नब्ज फिर से सामान्य रूप से चलने लगी. जब कैप्टन के होंठ नीले पड़ने लगे, तो डॉ. मुसेव ने क्रू से कहा कि विमान को जल्द से जल्द उतारना होगा. कैप्टन ने पेनकिलर मांगी, लेकिन डॉ.

मुसेव ने देने से मना कर दिया.

उनका कहा था कि कैप्टन का बहुत अधिक खून बह चुका है, इसलिए उन्हें हिलाने-डुलाने या दवा देने से रक्तस्राव और अधिक बढ़ सकता था.

📡 स्रोत: NewsData.io

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