विदेश

कैसे खुलेगा होर्मज? ईरान ने कही सीधी बात, ट्रंप ने किया ना, अब IRGC ने दिखाए अपने तेवर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
कैसे खुलेगा होर्मज? ईरान ने कही सीधी बात, ट्रंप ने किया ना, अब IRGC ने दिखाए अपने तेवर

ईरान और अमेरिका में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। शांति योजना पर बात नहीं बनने के बीच ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामनिया ने कहा कि देश किसी भी टकराव के लिए पूरी तरह से तैयार है और जरूरत पड़ी तो अमेरिका को पहले से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाया जाएगा।

ईरानी सेना का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होमस को दोबारा खोलने वाले 7 दिन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्होंने एक प्रस्ताव दिया था लेकिन मैंने उसे ठुकरा दिया है। ट्रंप की इन बातों के बावजूद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराची ने कहा कि तेहरान क़तर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के पक्के जवाब का इंतजार कर रहा है।

इसे भी पढ़ें: Iran ने US के सामने रखा 7-Day Plan, Strait of Hormuz खोलने और शांति वार्ता की रखी शर्त सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार अराची ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुछ अच्छी बातें भी कही हैं और कुछ उल्टी सीधी बातें भी जो दुर्भाग्य से हम उनसे अक्सर सुनते हैं। उन्होंने बातचीत से समाधान निकालने की अपील की और कहा कि हम इस अहम समुद्री जलमार्ग की रुकावट सिर्फ बातचीत से ही सुलझा सकते हैं।

ब्लूमबर्ग ने मामले से जुड़े एक व्यक्ति के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान एक समझौते पर विचार कर रहे थे। इसके तहत तेहरान होमस खोल देता और वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा देता। यह समझौता जून के बीच हुए उस समझौते जैसा होता जिसके बाद दोनों तरफ नाजुक सीजफायर हुआ था। लेकिन वो सीज फायर जल्दी टूट गया।

इसी बीच शनिवार को यमन के हुती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमला किया। कुती विद्रोही ईरान समर्थित समूह माना जाता है। इस हमले को मध्यपुर में अमेरिका के सहयोगियों के खिलाफ ईरान की दुश्मनी बढ़ने का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जनरल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ट्रंप उम्मीद कर रहे हैं कि नवंबर की शुरुआत में अमेरिकी मध्यावदी चुनावों के बाद वे ईरान के खिलाफ बमबारी अभियान फिर से शुरू कर देंगे।

उन्हें शक है कि तेहरान उनकी मांगे पूरी करेगा जब ट्रंप से सीधा पूछा गया कि क्या वे चुनाव के बाद बमबारी फिर से शुरू करेंगे?

तो उन्होंने जवाब देने से इंकार कर दिया। वहीं पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के राष्ट्रपति मसूद प्रजियान ने साफ किया कि जब तक अमेरिका की प्रतिबंध और नाकेबंदी लागू रहेगी तब तक तेहरान होमस स्टेट से जहाजों की आवाजाही आजाद नहीं करेगा यानी कि होमोज स्टेट कोप नहीं खोलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान आर्थिक मकसद से परमाणु तकनीकें विकसित करने का अपना अधिकार नहीं छोड़ेगा। इसे भी पढ़ें: Iran ने US के सामने रखा 7-Day Plan, Strait of Hormuz खोलने और शांति वार्ता की रखी शर्त कुल मिलाकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब देखना यह होगा कि दोनों पक्ष आगे क्या कदम उठाएंगे।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से सऊदी अरब ने खाली क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गंभीर कदम उठाने की अपील की है। 26 सितंबर को न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि दुनिया इस समय अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है।

उन्होंने सऊदी अरब और क्षेत्र के खिलाफ ईरानी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि खाली की सुरक्षा केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा और व्यापार व्यवस्था से जुड़ा मामला है। सऊदी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया जब मिडिल ईस्ट में तनाव का असर खाली से लेकर लाल सागर और बाब अलमदेव तक दिखाई दे रहा है।

संयुक्त राष्ट्र ने 20 सितंबर में यमन के पश्चिमी तट पर लड़ाई तेज होने और हूतियों के बाल अलमदेव की ओर बढ़ने की रिपोर्ट दी थी।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।