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काजा के डंपिंग यार्ड में एक सप्ताह से सुलग रहा कूड़ा, जहरीले धुएं से पर्यावरण पर खतरा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
काजा के डंपिंग यार्ड में एक सप्ताह से सुलग रहा कूड़ा, जहरीले धुएं से पर्यावरण पर खतरा

स्पीति घाटी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के दावों के बीच काजा स्थित डंपिंग यार्ड में पिछले एक सप्ताह से कूड़ा लगातार सुलग रहा है। कूड़े से उठने वाला धुआं आसपास के वातावरण में फैल रहा है, जिससे क्षेत्र के नाजुक पर्यावरण, वन्यजीवों और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा होने की आशंका है। हैरानी की बात यह है कि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद आग पर काबू पाने और समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इस मामले को लेकर हीलिंग हिमालय और स्पीति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

हिमालय की गोद में बसी स्पीति घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और जैव विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में काजा के डंपिंग यार्ड में लगातार जल रहा कूड़ा पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर सवाल खड़े कर रहा है। कूड़े से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करने के साथ आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र और लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। एक ओर स्पीति को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यालय में ही कूड़े का इस तरह जलना चिंता का विषय बना हुआ है।

इस मामले पर ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य एवं युवा कांग्रेस अध्यक्ष लाहौल-स्पीति केंसंग रापचिक ने चिंता जताई है। उन्होंने हीलिंग हिमालय और स्पीति प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ हिमालय के लिए काम करने का दावा करने वाली हीलिंग हिमालय की टीम इस मामले में कहां है। उन्होंने प्रशासन से भी पूछा कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी डंपिंग यार्ड में लगी आग पर काबू पाने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए हैं।

केंसंग रापचिक ने प्रशासन से मांग की है कि डंपिंग यार्ड में लगी आग को तत्काल बुझाया जाए, मामले की जांच की जाए और भविष्य में खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल जागरूकता अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित संस्थाओं और प्रशासन को धरातल पर भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।