कॉकरोच पार्टी को मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली:CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जुटना था, दीपके बोले- अब 2 अक्टूबर को जेल भरो आंदोलन होगा
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मुंबई पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में होने वाले प्रदर्शन को परमीशन नहीं दी। यह प्रदर्शन चुनाव आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होना था। पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देशों, BMC की अनुमति नहीं होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका का हवाला दिया।
पुलिस ने यह भी कहा कि शिवाजी पार्क साइलेंस जोन में आता है और इसके आसपास रिहायशी इलाके हैं। प्रदर्शन से ट्रैफिक जाम और आसपास के अस्पतालों तक आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। आयोजकों को मुंबई में किसी दूसरे स्थान का विकल्प तलाशने की सलाह दी गई है। उधर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा- नागरिकों की आवाज दबाने की ऐसी कोशिशें स्वीकार्य नहीं हैं।
अगर हमें प्रदर्शन करने के अधिकार से वंचित किया गया, तो CJP गांधी जयंती के दिन मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी। 24 सितंबर- CJP ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया था।
पार्टी ने कहा कि अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- ज्ञानेश कुमार इस देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। उन्होंने SIR के जरिए देश में 13 करोड़ से ज्यादा वोट डिलीट किए।
लोगों से वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है। दीपके ने कहा- लोकतंत्र का मतलब है कि जनता अपनी सरकार चुने। लेकिन जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, तब से सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट करेगा और कौन नहीं। ममता-केजरीवाल की सीटों पर वोट डिलीट हुए, दीपके के 4 आरोप… 1. 2024 के नतीजों के बाद BJP डरी: 2024 के चुनाव में BJP बहुमत हासिल नहीं कर सकी।
‘400 पार’ का नारा देने के बाद वह 240 सीटों पर आ गई। इसके बाद उन्हें महसूस हुआ कि क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत हो रही हैं। 2.
क्षेत्रीय नेताओं को एक-एक कर हराने का आरोप: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे हों, NCP, एमके स्टालिन, पिनराई विजयन, अरविंद केजरीवाल या ममता बनर्जी, इन सभी मुख्यमंत्रियों को एक-एक करके हराया गया। यह महज संयोग नहीं हो सकता। ये सभी 2024 में एक साथ आए थे और उन्
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, पर पुलिस ने परमीशन नहीं दिया। यह घटना राजनीतिक विरोध के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन पर प्रकाश डालती है। ऐसी निर्णय से नागरिकों के लिए राजनीतिक आवाज़ उठाने के मार्ग सीमित हो सकते हैं, जिससे चुनावी जागरूकता और नागरिक भागीदारी पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, पार्क के आसपास के निवासियों को ट्रैफिक और शोर से बचाने का उद्देश्य भी सामन
🎙️ जनता का संदेश का मत
किसी भी असहमति को शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी मार्गों से सुलझाना समाज की मजबूती का मूल है। जब अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदर्शन की योजना हो, तो नियमों का पालन और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर कार्यवाही करनी चाहिए। शांतिपूर्ण विमर्श से मतभेद मिटते हैं, और समाज में विश्वास तथा सहनशीलता बढ़ती है। सभी को याद रखना चाहिए कि शांति ही वास्तविक क्रांति की आधारशिला है।