कलश स्थापना के साथ आज से मां दुर्गा की आराधना:बाजारों में देर रात तक खरीदारी; पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटे पूजा समिति के सदस्य
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →शारदीय नवरात्र को लेकर मुजफ्फरपुर में उत्साह चरम पर है। रविवार को कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाली मां दुर्गा की आराधना शुरू होगी। पहले दिन मां के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही शहर के मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में माता के जयकारे गूंजने लगेंगे।
नवरात्र को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। शनिवार को पूजा सामग्री की दुकानों पर देर रात तक खरीदारी होती रही। शहर के विभिन्न इलाकों में पूजा समितियां पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। कहीं आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, तो कहीं पंडालों के अंदर सजावट और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, प्रतिमाओं को पंडालों तक पहुंचाने के लिए पूजा समितियों के सदस्य मूर्तिकारों के यहां पहुंच रहे हैं। मूर्तिकार भी प्रतिमाओं की रंगाई, शृंगार और सजावट का काम पूरा करने में जुटे हैं, ताकि समय पर प्रतिमाओं को पंडालों तक पहुंचाया जा सके। पूजा सामग्री की दुकानों पर देर रात तक रही भीड़ नवरात्र की शुरुआत से पहले बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है।
कलश, नारियल, चुनरी, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, धूप, अगरबत्ती, दीपक, कपूर, फूल और फल खरीदने के लिए श्रद्धालु दुकानों पर पहुंच रहे हैं। घरों में कलश स्थापना की तैयारी कर रहे लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीद रहे हैं। शनिवार को देर शाम के बाद भी कई दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
दुकानदारों को उम्मीद है कि नवरात्र के शुरुआती दिनों में खरीदारी और बढ़ेगी। मंदिरों में सफाई और पंडालों की सजावट अंतिम चरण में नवरात्र को देखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम अंतिम चरण में है। पूजा समितियां भी पंडालों को आकर्षक रूप देने में लगी हैं।
प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने के साथ ही पंडालों में रोशनी और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नवरात्र के दौरान मंदिरों में दर्शन-पूजन और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। नौ दिनों तक मां के नौ स्वरूपों की होगी पूजा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कूष्मांडा, पांचवें दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी।
श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर माता की आराधना करेंगे। कई घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, दीप प्रज्वलन और सुबह-शाम आरती की तैयारी भी की गई है।
📡 स्रोत: NewsData.io