कलेक्टर के निरीक्षण में बंद मिला आंगनवाड़ी केंद्र, कार्यकर्ता सगुन जाटव सेवा से पृथक
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शिवपुरी। पोहरी के आंगनवाड़ी केंद्र गाजीगढ़-02 में लापरवाही पाए जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सगुन जाटव को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक कर दिया है।
दरअसल, 24 अगस्त 2026 को कलेक्टर शिवपुरी ने आंगनवाड़ी केंद्र गाजीगढ़-02 का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान केंद्र बंद मिला और कार्यकर्ता सगुन जाटव बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। निरीक्षण में केंद्र पर एक बाहरी व्यक्ति के निवास की बात भी सामने आई, जिसकी जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी।
मामले में परियोजना अधिकारी कार्यालय की ओर से 25 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया। कार्यकर्ता ने 27 अगस्त को अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन विभाग ने जवाब को असंतोषजनक पाया।
इसके बाद मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोहरी की 1 सितंबर को प्राप्त स्वीकृति के आधार पर, सगुन जाटव को तत्काल प्रभाव से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद से पृथक करने का आदेश जारी किया गया।
यह आदेश 2 सितंबर 2026 को परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास परियोजना पोहरी नीरज सिंह गुर्जर द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर, संयुक्त संचालक, एसडीएम, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित संबंधित पर्यवेक्षक और कार्यकर्ता को भेजी गई है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
आंगनवाड़ी केंद्र गाजीगढ़-02 का निरीक्षण करके बंद पाया गया और कार्यकर्ता सगुन जाटव को पद से पृथक कर दिया गया। यह विषय ग्रामीण स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी नीतियों के कार्यान्वयन पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों और माताओं के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य और शिक्षा का आधार हैं, और उनके बंद होने से सेवा में व्यवधान आता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की उपलब्धता घटेगी, जिससे परिवारों को वैकल्पिक विकल