कानपुर के झकरकटी पुल पर गड्ढों का राज:सड़क से निकले गार्डर, गड्ढों में फंस रहे वाहन, 50 हजार लोगों की जान जोखिम में
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →कानपुर में जाम से राहत देने के लिए जीटी रोड पर बनाया गया झकरकटी पुल अब खुद बदहाली का शिकार है। पुल से गुजरते समय वाहन सवारों को जगह-जगह सैकड़ों गड्ढों और सड़क के बीच से निकले गार्डरों के कारण तेज झटके लगते हैं। इस पुल पर दो-दो मीटर लंबे और एक से दो फुट गहरे कई गड्ढे हैं। कई जगह सड़क टूट चुकी है, जबकि दोनों ओर के फुटपाथ भी जगह-जगह धंस गए हैं।
बारिश के दिनों में में स्थिति और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दोपहिया वाहन सवारों के गिरने का खतरा बना हुआ है। जहां एक तरफ सड़क पर फैली बजरी और गड्ढों की चपेट में आने से दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं उड़ती धूल के कारण लोगों को आंखों और सांस लेने में तकलीफ भी हो रही है।
दैनिक भास्कर की टीम ने झकरकटी पुल का जायजा लिया तो इसकी बदहाल तस्वीर सामने आई...
देखिए 5 तस्वीरें...
झकरकटी पुल पर जगह-जगह सड़क उखड़ी मिली। कई गड्ढे इतने गहरे हैं कि उनमें वाहन का पहिया फंसने से हादसा हो सकता है। वहीं, सड़क के बीचोंबीच निकले गार्डर वाहन सवारों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इनसे गुजरते समय वाहनों को अचानक तेज झटका लगता है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ बसों और चार पहिया वाहनों में बैठे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
धंसे फुटपाथ, हादसे का खतरा झकरकटी पुल के दोनों ओर बने फुटपाथ भी कई जगहों पर धंस चुका है। इनकी हालत देखकर कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है। पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है। सड़क और फुटपाथ की खराब स्थिति के कारण लोगों को वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है। राहगीरों का कहना है कि पुल पर गड्ढों की समस्या नई नहीं है।
लंबे समय से सड़क की हालत खराब है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से समाधान नहीं दिया जा रहा है। बारिश के दिनों में परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। पानी भरने के बाद गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालक अचानक उनमें गिर जाते हैं। ‘गड्ढों की कोई लिमिट नहीं’ झकरकटी पुल से गुजर रहे पीरोड के रहने वाले धीरज ने बताया कि वह रोज इसी रास्ते से सफर करते हैं और पुल पर गाड़ी चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनके साथ छोटा बच्चा भी है। गड्ढे में वाहन गिरने पर उन्हें और बच्चे दोनों को चोट लग सकती है। बारिश शुरू होते ही गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। राहगीर निशू ने बताया कि पुल पर गड्ढों की कोई लिमिट ही नहीं है। रोजाना कितने लोग यहां गिरते हैं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित विभाग को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए। अगर समय रहते काम कराया जाता तो पुल की हालत इतनी खराब नहीं होती। राहगीर शानू ने कहा कि पुल पर कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। आए दिन लोग चोटिल होते हैं। बारिश में पानी भरने के बाद बाइक फिसलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द पुल की मरम्मत कराने की मांग की। बस ड्राइवर बोले- राम भरोसे चला रहे गाड़ी रोडवेज बस चालक देशराज ने बताया कि खराब सड़क पर बस चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि इन गड्ढों में राम भरोसे बस चलाते हैं। सड़क खराब होने के कारण बसों का मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ गया है।
बस में बैठे यात्री भी हर बड़े गड्ढे पर झटके से सहम जाते हैं और सीट पकड़कर बैठने को मजबूर होते हैं। उन्होंने बताया कि पुल के ऊपर की स्थिति काफी खराब है और जल्द मरम्मत की जरूरत है। 45-50 हजार लोग रोज करते हैं सफर झकरकटी पुल शहर के लिए बेहद खास है। रोजाना करीब 45 से 50 हजार लोग इस पुल से गुजरते हैं।
इसके अलावा 1000 से अधिक बसों की आवाजाही भी होती है। बड़ी संख्या में वाहनों के गुजरने के कारण झकरकटी पुल से टाटमिल चौराहे तक अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। पीक ऑवर में वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग जाती हैं और ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने में घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। कई वाहन सवार घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
कई प्रमुख इलाकों को जोड़ता है पुल झकरकटी पुल शहर के यातायात का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह टाटमिल चौराहे को अफीम कोठी और जरीब चौकी क्षेत्र से जोड़ने के साथ उधर रामादेवी की ओर जाने वाले मार्ग को भी जोड़ता है। इसके अलावा दक्षिण क्षेत्र की तरफ जाने और आने वाले लोग भी इस पुल पर सफर करते हैं।
पुल के पास ही शहीद मेजर सलमान बस अड्डा और कुछ दूरी पर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन भी है। ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों की आवाजाही होती है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के बावजूद सड़क की खराब स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
राहगीरों की मांग है कि गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ पुल की तकनीकी जांच कराए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
📡 स्रोत: NewsData.io