कांगड़ा प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
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पदोन्नति के 8 महीने से लंबित मामले, मुख्य शिक्षक और केंद्र मुख्य शिक्षक के 180 पद खाली होने का दावा
अक्तूबर 21, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): जिला कांगड़ा प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिक्षकों के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग को लेकर धर्मशाला में धरना प्रदर्शन किया। संघ के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने आरोप लगाया कि कार्यालय में शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन बार-बार आग्रह करने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षक आंदोलन और अनशन करने के लिए मजबूर होंगे। कुलदीप पठानिया ने बताया कि संघ ने 23 सितंबर को शिक्षा उपनिदेशक को पत्र लिखकर लंबित समस्याओं के समाधान के लिए बैठक बुलाने की मांग की थी। 15 अक्तूबर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर संघ ने 19 अक्तूबर तक वार्ता नहीं बुलाने की स्थिति में 21 अक्तूबर को कार्यालय परिसर में रोष प्रदर्शन करने का नोटिस दिया था।
इसके बाद 19 अक्टूबर को शाम को व्हाट्सएप के माध्यम से 4 नवंबर को बैठक निर्धारित किए जाने की सूचना मिली। संघ का आरोप है कि बैठक के लिए जारी सूचना में खंडों के महासचिव और कोषाध्यक्ष को शामिल नहीं किया गया, जिससे संगठन के पदाधिकारियों में रोष है। संघ अध्यक्ष के कहा कि जिले में पिछले करीब आठ महीनों से मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक (सीएचटी) और खंड शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति के मामले लंबित पड़े हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में मुख्य शिक्षक के 120 और केंद्र मुख्य शिक्षक के 60 पद खाली हैं, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी का एक पद भी रिक्त चल रहा है। संघ ने इन पदों को भरने और पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। कुलदीप पठानिया ने आरोप लगाया कि कॉम्प्लेक्स सिस्टम से संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों में खंड शिक्षा अधिकारियों की शक्तियां बरकरार होने के बावजूद कांगड़ा जिले में तबादला आदेश जारी करने की प्रक्रिया में इन शक्तियों को दरकिनार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के कारण गलत आदेश जारी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे प्राथमिक शिक्षकों में असंतोष है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिले के 23 खंडों में शिक्षकों के वित्तीय लाभ से जुड़े करीब 70 से 80 मामले पिछले तीन महीनों से लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कार्यालय के कुछ लिपिकीय कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
उनका आरोप है कि अपने काम के सिलसिले में फोन करने वाले शिक्षकों को संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्र तरीके से बात की जाती है। संघ ने मांग की है कि 4 नवंबर को प्रस्तावित बैठक के लिए महासचिव और कोषाध्यक्ष को शामिल करते हुए संशोधित पत्र जारी किया जाए। कुलदीप पठानिया ने चेतावनी दी कि यदि इसी सप्ताह संशोधित पत्र जारी नहीं किया गया, तो संघ बैठक का बहिष्कार करेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संघ आंदोलन और अनशन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय की होगी।
बाईट: कुलदीप पठानिया, अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ, कांगड़ा