कांगड़ा पुलिस की मासिक अपराध समीक्षा बैठक, नशे और अवैध खनन पर कार्रवाई तेज
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अक्तूबर 06 कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): कांगड़ा जिला पुलिस की मासिक कल्याण एवं अपराध समीक्षा बैठक आज धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने की। बैठक में पुलिस जवानों की कल्याण संबंधी जरूरतों के साथ-साथ जिले में अपराध की स्थिति, लंबित मामलों की जांच और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई।
एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा नें बताया कि इस वर्ष अब तक जिला कांगड़ा में 1461 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1446 मामले दर्ज हुए थे। पुलिस के अनुसार मुख्य रूप से एनडीपीएस एक्ट, एक्साइज एक्ट और अवैध खनन से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है। एसपी कुलभूषण वर्मा ने कहा कि अक्तूबर माह के बाद कांगड़ा में पर्यटन सीजन शुरू हो जाता है और पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होती है।
ऐसे में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की भी बैठक में समीक्षा की गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से एंटी-चिट्टा अवेयरनेस कैंपेन को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। वहीं, अवैध खनन से संबंधित शिकायतों पर भी तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मिसिंग पर्सन और प्रो-क्लेम्ड ऑफेंडर्स (PO) के मामलों की भी समीक्षा हुई। पुलिस के अनुसार इस महीने 14 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, वर्तमान में जिले में 171 मिसिंग पर्सन की रिपोर्ट लंबित है, जिनमें 69 महिलाएं और 102 पुरुष शामिल हैं। एनडीपीएस के पुराने मामलों में प्रॉपर्टी सीजर को भी पुलिस ने प्रमुख लक्ष्य बनाया है।
पिछले महीने जिला पुलिस द्वारा दो मामलों में करीब 49.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने, अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए।
बाइट: कुलभूषण वर्मा, एसपी कांगड़ा
🎙️ जनता का संदेश का मत
कानून के प्रति जागरूकता और समाज के हर वर्ग के बीच संवाद से ही अपराध की जड़ें जड़ से हटती हैं। जब नशा, अवैध खनन जैसी गतिविधियाँ बढ़ती हैं, तो हमें शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं से सशक्त बनाना चाहिए। पुलिस की सक्रिय निगरानी और नागरिकों की सहयोगी भावना से ही हम सुरक्षित, समृद्ध समाज की ओर अग्रसर हो सकते हैं।