कंगाल पाकिस्तान! ड्रोन हमले रोकने के लिए चौकियों पर लगाए मछली पकड़ने वाले जाल
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Pakistan News: आतंक को पालने में पाकिस्तान इतना मदहोश हो गया है कि अपने देश की रक्षा करने के लिए जरूरी संसाधन तक नहीं जुटा पा रहा है. आतंक को फंडिंग करते करते पाकिस्तान ने अपनी ही सेना को बदहाली में धकेल दिया है.
पाकिस्तान की कंगाल सेना का एक बार फिर पर्दाफाश हुआ है.
अल जजीरा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में ड्रोन हमलों से बचने के लिए पुलिस ने अजीबोगरीब तरीका अपनाया है.
ड्रोन हमलों से बचने के लिए हंगू पुलिस ने चौकी की छत और बाहरी दीवारों के बीच कई मीटर ऊपर मछली पकड़ने वाले जाल लगा दिए हैं. इससे चौकी के ऊपर एक तरह की सुरक्षा परत बन गई है.
पुलिस ने यह जाल करीब दो महीने पहले लगाया था और खान के मुताबिक, इसके बाद से सरकी पियाला चौकी पर कोई ड्रोन हमला नहीं हुआ है. 🚨Pakistan Uses Fishing Nets To Protect Police Posts From Drone Attacks In Hangu, KPK, police have begun stringing large fishing nets several metres above vulnerable checkpoints to provide an additional layer of protection against explosive-carrying drones and quadcopters.
pic.twitter.com/JcEwAympkA — Pakistan Strategic Watch (@PakStratWatch) October 5, 2026 क्यों उठाया ये कदम?
हंगू जिले की सरकी पियाला पुलिस चौकी पर कुछ समय पहले विस्फोटकों से लदे ड्रोन से हमला हुआ था.
इस दौरान पुलिस इंस्पेक्टर फैयाज खान और उनके साथी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर छिप गए थे. 16 अप्रैल को हुए इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली थी.
करीब सात घंटे तक चली मुठभेड़ में एक बख्तरबंद वाहन का चालक मारा गया, जबकि एक पुलिसकर्मी घायल हो गया. 40 वर्षीय इंस्पेक्टर फैयाज खान ने बताया कि उस समय हालात बेहद डरावने थे और उन्हें यह तक पता नहीं था कि वे जिंदा घर लौट पाएंगे या नहीं.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान भूखा मर रहा? 60% से ज्यादा आबादी को स्वस्थ खाना तक नसीब नहीं, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा 4 लाख पाकिस्तानी रुपये खर्चा हांगू जिले के पुलिस अधिकारी तारिक हबीब ने बताया कि एक सामान्य पुलिस चौकी को इस तरह के जाल से ढकने में करीब 4 लाख पाकिस्तानी रुपये (लगभग 1,435 डॉलर) का खर्च आता है.
हबीब ने बताया कि ड्रोन और क्वाडकॉप्टर हमलों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पुलिस ने संवेदनशील पुलिस स्टेशनों और चौकियों पर जाल लगाने का काम शुरू कर दिया है.
जिले की कई और पुलिस चौकियों पर भी ऐसे जाल लगाए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस योजना को पूरे जिले में बढ़ाने के लिए हांगू पुलिस ने प्रांतीय सरकार से अतिरिक्त बजट मांगा है.
फिलहाल सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है. 5 जिलों की चौकियों पर लगे नेट खैबर पख्तूनख्वा पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोहाट, करक, बन्नू, लक्की मारवत और डेरा इस्माइल खान सहित कम से कम 5 अन्य संवेदनशील जिलों में चौकियों और पुलिस चौकियों पर ड्रोन रोधी जाल लगाए गए हैं.
प्रांत के कुछ स्थानों पर स्थित सैन्य चौकियों पर भी ड्रोन रोधी जाल प्रणाली तैनात की गई है. पुलिस को क्या है उम्मीद?
इंस्पेक्टर फैयाज खान ने बताया कि अगर कोई ड्रोन चौकी के ऊपर से उड़ता है, तो उसके जाल में फंसने की संभावना रहती है. इससे ड्रोन को रोका या निष्क्रिय किया जा सकता है.
अगर ड्रोन जाल के ऊपर ही फट जाए, तब भी जमीन पर मौजूद पुलिसकर्मियों को नुकसान कम होने की उम्मीद है, क्योंकि जाल के कारण विस्फोट के कई टुकड़े हवा में ही फैल जाएंगे और सीधे नीचे तैनात जवानों तक नहीं पहुंचेंगे.
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📡 स्रोत: NewsData.io