राजनीति

कांग्रेस का काला दिवस नहीं, काले कारनामों का पश्चाताप दिवस : दीनदयाल बरनवाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
कांग्रेस का काला दिवस नहीं, काले कारनामों का पश्चाताप दिवस : दीनदयाल बरनवाल

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बरनवाल का कांग्रेस पर हमला, कांग्रेस ने 10 अक्टूबर को काला दिवस मनाने का किया ऐलान, पलटवार में दीनदयाल बरनवाल ने कहा- कांग्रेस का काला दिवस नहीं, काले कारनामों का पश्चाताप दिवस।

Short Headline: कांग्रेस का काला दिवस नहीं, काले कारनामों का पश्चाताप दिवस : दीनदयाल बरनवाल

09 अक्टूबर, रांची: झारखंड में कांग्रेस की ओर से 10 अक्टूबर को काला दिवस मनाने के ऐलान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बरनवाल ने कहा कि कांग्रेस को काला दिवस मनाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर लोकतंत्र का गला घोंटने और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया।

दीनदयाल बरनवाल ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने पर चुनाव आयोग, ईवीएम और मतदाता सूची पर सवाल उठाती है। उन्होंने झारखंड में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य फर्जी और दोहरे मतदाताओं के नाम हटाना है। उन्होंने कांग्रेस से चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने की बात कही।

भाजपा प्रवक्ता ने झारखंड में कांग्रेस के कार्यकाल को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने जमीन घोटाले, खनन घोटाले और ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित वसूली के मामलों का जिक्र करते हुए कांग्रेस से अपने कार्यकाल पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पास विरोध की राजनीति के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।

दीनदयाल बरनवाल ने आशंका जताई कि कांग्रेस काला दिवस के आयोजन के नाम पर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर सकती है। उन्होंने भाजपा की ओर से कांग्रेस के इस कार्यक्रम की आलोचना करते हुए कहा कि जनता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और कांग्रेस को अपने आरोपों तथा राजनीतिक गतिविधियों के लिए जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।