कांग्रेस ने PM मोदी के जन्मदिन को ‘बेरोजगारी दिवस’ बताया:2014 के चुनावी वादों पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब;फ्यूल के दाम पर भी सवाल
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →महासमुंद में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके लंबे राजनीतिक कार्यकाल को भाजपा की ओर से ‘सेवा और समर्पण’ के रूप में मनाए जाने पर सवाल उठाए। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा को इस दिन को ‘सेवा संकल्प’ के बजाय ‘बेरोजगारी दिवस, महंगाई दिवस, वादाखिलाफी दिवस और किसान दंगा दिवस’ के रूप में मनाना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, शहर अध्यक्ष गुरमीत चावला, अमरजीत चावला और ग्रामीण अध्यक्ष अन्नू चंद्राकर समेत अन्य नेताओं ने यह बातें कहीं। नेताओं ने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल को ‘सेवा’ के रूप में पेश कर रही है, लेकिन कांग्रेस इससे सहमत नहीं है।
2014 के वादों पर कांग्रेस ने मांगा जवाब कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने महंगाई कम करने, रोजगार बढ़ाने, किसानों की आय दोगुनी करने और हर परिवार को घर, सुविधाएं देने जैसे वादे किए थे। उनका आरोप है कि इन वादों का अपेक्षित नतीजा जनता को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं को रोजगार, किसानों को अच्छी आय और आम लोगों को महंगाई से राहत देने के दावों पर जवाब देना चाहिए।
नोटबंदी और GST पर भी निशाना कांग्रेस नेताओं ने नोटबंदी और जीएसटी लागू करने को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी से काले धन पर रोक लगाने का मकसद पूरा नहीं हुआ और छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हुआ। जीएसटी की व्यवस्था में आने वाली दिक्कतों का मुद्दा उठाते हुए नेताओं ने छोटे और मध्यम कारोबारियों की परेशानियों का भी जिक्र किया।
पेट्रोल-डीजल के दाम और टैक्स पर सवाल कांग्रेस नेताओं ने पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क और आम लोगों पर पड़ने वाले ईंधन खर्च के बोझ को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए। उनका आरोप है कि ईंधन पर टैक्स बढ़ने से आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ा। रुपए की कीमत गिरने का मुद्दा उठाया कांग्रेस ने डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में गिरावट को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा।
नेताओं ने कहा कि रुपये की कमजोरी से आयात महंगा होता है और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। गुजरात दंगों का भी किया जिक्र कांग्रेस नेताओं ने नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान 2002 के दंगों का जिक्र किया। उन्होंने तत्कालीन सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि गुजरात हिंसा से जुड़े विवाद और उसके बाद हुई कानूनी प्रक्रियाएं लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही हैं।
कांग्रेस ने इसे मोदी के राजनीतिक कार्यकाल से जुड़ा विवाद बताते हुए भाजपा के ‘सेवा’ नैरेटिव पर सवाल उठाए। छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’ पर सवाल कांग्रेस नेताओं ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान ‘मोदी की गारंटी’ के नाम पर किए गए वादों के पूरा नहीं होने का आरोप लगाया।
1 लाख सरकारी नौकरी और 500 रुपए सिलेंडर का मुद्दा कांग्रेस ने एक लाख सरकारी नौकरियां, 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर, अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, बेरोजगारी भत्ता और छात्रों को मुफ्त परिवहन पास देने के वादे का मुद्दा उठाया। इसके अलावा 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ रखने और किसानों को धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान सहित कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
महतारी वंदन और गोठान योजना पर भी सवाल कांग्रेस नेताओं ने महतारी वंदन योजना, गोठान व्यवस्था और किसानों से जुड़े वादों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और सत्ता में आने के बाद लिए गए फैसलों में अंतर दिखाई दे रहा है। ‘उत्सव के साथ वादों का हिसाब भी दें’ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाना राजनीतिक दलों का अधिकार है।
लेकिन जब किसी सरकार के कार्यकाल को ‘सेवा और समर्पण’ के रूप में पेश किया जाए तो उसके वादों, योजनाओं और परिणामों का हिसाब भी जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने रोजगार, महंगाई, किसान, युवा और छत्तीसगढ़ से किए गए वादों पर भाजपा से जवाब मांगा।
📡 स्रोत: NewsData.io