कांस्टेबल, उसकी पत्नी और भाजपा नेता समेत 4 पर केस
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भास्कर न्यूज | अंबिकापुर/बैकुंठपुर कोरिया जिले में नौकरी के नाम पर पुलिस और राजनीति से जुड़े रसूखदारों ने मिलकर एक सफाई कर्मचारी को अपना शिकार बनाया। सरकारी स्कूल के सफाई कर्मी को छात्रावास अधीक्षक बनाने का सपना दिखाकर करीब 14 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। जब नौकरी नहीं लगी और पीड़ित ने कर्ज लेकर दिए गए अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई।
कोतवाली पुलिस ने आईजी कार्यालय अंबिकापुर में पदस्थ कॉन्स्टेबल, उसकी पत्नी, एक भाजपा नेता और कॉन्स्टेबल के ससुर के खिलाफ बीएनएस की सख्त धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। एफआईआर में एडवोकेट आशीष तिवारी की संलिप्तता नहीं मिली है, इसलिए उन पर केस दर्ज नहीं हुआ है। पैसे वापस मांगने पर अनुराधा भगत ने पीड़ित को गाड़ी से कुचलवा कर मरवाने, आदिवासी एक्ट और दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने 4 आरोपियों- अनुराधा भगत, कॉन्स्टेबल राजकुमार लकड़ा, भाजपा नेता डॉ.
प्रकाश अनंत और अनुराधा के पिता जोखन लाल के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। आमापारा स्कूल के सफाई कर्मी संतोष सारथी को अंबिकापुर आईजी ऑफिस में पदस्थ कॉन्स्टेबल राजकुमार लकड़ा की पत्नी अनुराधा भगत ने झांसा दिया था। अनुराधा ने 2024 में निकली हॉस्टल अधीक्षक की भर्ती में 15 लाख रुपए में नौकरी लगवाने का दावा किया। ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए 5 जनवरी 2025 को कटघोरा के एक होटल में मीटिंग रखी। वहां पीड़ित की मुलाकात छत्तीसगढ़ भाजपा मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.
प्रकाश अनंत से कराई गई, जिन्होंने नियुक्ति हो जाने का पूरा भरोसा दिलाया। यह ठगी सिस्टम में बैठे सफेदपोशों के खतरनाक नेक्सस को उजागर करतh है। खाकी और खादी ये दोनों ही आम आदमी के लिए भरोसे का प्रतीक होते हैं। एक सफाई कर्मी ने अपनी जिंदगी भर की पूंजी और उधार का पैसा इन पर सिर्फ इसलिए लुटा दिया, क्योंकि उसे लगा कि रसूखदार पदों पर बैठे लोग उससे धोखा नहीं करेंगे, पर सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले निचले तबके का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। 15 लाख में हुआ था सौदा
📡 स्रोत: NewsData.io