इतिहास

करवा चौथ पर सुनीता जी ने रखा निर्जला व्रत, पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना

लेखक: Lala Jamalkar अंतिम अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
करवा चौथ पर सुनीता जी ने रखा निर्जला व्रत, पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना

जनता का संदेश लाला जमालकर

इंदौर। करवा चौथ का पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए व्रत रखा। इसी क्रम में श्रीमती सोनू उर्फ सुनीता जी ने भी सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना की।

मान्यता है कि करवा चौथ व्रत का संबंध महाभारत काल से जुड़ा है। एक प्रचलित कथा के अनुसार, द्रौपदी ने अर्जुन की रक्षा के लिए यह व्रत रखा था और भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें इसके महत्व के बारे में बताया था। वहीं, वीरवती की कथा भी इस पर्व से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि भाइयों के कहने पर चंद्रमा निकलने से पहले ही व्रत खोलने के कारण वीरवती के पति पर संकट आ गया था। बाद में करवा माता की कृपा से उनका जीवन वापस मिला।

इन्हीं धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के चलते करवा चौथ का पर्व देशभर में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

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Lala Jamalkar

लाला जमालकर खरगोन के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं। लंबे समय से क्षेत्र की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं और सामाजिक सरोकारों को अपनी लेखनी के माध्यम से सामने ला रहे हैं। उनका अनुभव और जमीनी पत्रकारिता महत्वपूर्ण है।