अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने की मणिमहेश यात्रा
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सितंबर 18, चंबा (हिमाचल प्रदेश): चम्बा जिला की विश्व विख्यात मणिमहेश यात्रा अपने अंतिम पड़ाव में है। अब तक यात्रा पर 50 हजार के करीब श्रद्धालु जा चुके हैं और निरंतर उनके आने का क्रम जारी है। वहीं प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विभिन्न प्रबंध किए हैं। हालाँकि मणिमहेश में बर्फबारी होने के बाद कुछ घंटों के लिए यात्रा स्थगित की गई थी लेकिन फिर से इसे शुरू कर दिया गया है।
मणिमहेश डल झील को तोड़ने की परंपरा का निर्वहन आज दोपहरबाद होगा, जिसके बाद राधा अस्टमी का स्नान शुरू होगा जो कल यानी 19 सितम्बर तक चलेगा। मणिमहेश यात्रा के मुख्य स्नान राधाष्टमी की धार्मिक परंपराओं का निर्वहन शुरू हो गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सचूई गांव के शिवजी भगवान के गुर (चेले) एवं त्रिलोचन महादेव के वंशज सबसे पहले डल झील को पार करते है जिसके बाद शाही स्नान शुरू होता है।
ये गुर (चेले) मणिमहेश में पहुँच चुके हैं जो आज सप्तमी के दौरान दोपहर बाद करीब तीन बजे पवित्र डल झील को पार कर ‘डल तोड़ने’ की वर्षों पुरानी धार्मिक रस्म पूरी करेंगे। इसके बाद राधाष्टमी पर्व पर विधिवत रूप से पवित्र शाही स्नान शुरू होगा।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में एक प्रमुख धार्मिक तीर्थयात्रा है, जहाँ हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के मंदिर की ओर आते हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि 50,000 से अधिक भक्तों ने पहले ही यात्रा शुरू कर ली है, जिससे क्षेत्र की पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा, प्रशासन द्वारा सुविधा प्रबंध और बर्फबारी के बावजूद यात्रा को फिर से शुरू करने के निर्णय से सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर नई चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। जनता के लिए यह यात्रा आध्यात्मिक संत