राजनीति

कर्नाटक के मंत्री बोले- अधिकारियों को खुशी से टिप दें:जनता ने पूछा- सैलरी के बाद रिश्वत क्यों; BJP बोली- मंत्री ही रिश्वत को सही ठहरा रहे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026 👁️ 4 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
कर्नाटक के मंत्री बोले- अधिकारियों को खुशी से टिप दें:जनता ने पूछा- सैलरी के बाद रिश्वत क्यों; BJP बोली- मंत्री ही रिश्वत को सही ठहरा रहे

कर्नाटक के मंत्री केएम शिवलिंगेगौड़ा के सरकारी अधिकारियों को ‘टिप’ देने वाले बयान पर विवाद हो गया। मंत्री ने कहा था कि अगर कोई अधिकारी समय पर और ईमानदारी से काम करता है, तो खुशी से सम्मान के तौर पर उसे कुछ देना गलत नहीं है। मंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ही सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। लोगों ने सवाल किया कि जब सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से पैसे क्यों दिए जाएं। कुछ लोगों ने इसे रिश्वत को सामान्य बनाने वाला बयान बताया और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, भाजपा MLC सीटी रवि ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार रिश्वत की शिकायत करने की बात कहती है जबकि उसके मंत्री ही अधिकारियों को पैसे देने की बात कर रहे हैं।

जन शिकायत कार्यक्रम में विवाद मंत्री शिवलिंगेगौड़ा शनिवार को हासन जिले के ‘प्रजासेवा आंदोलन’ कार्यक्रम में मौजूद थे। अलूर तालुक के किसान पुनीत ने जमीन से जुड़ी शिकायत रखते हुए पूछा कि जब सरकारी अधिकारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से ‘टिप’ क्यों दी जाए। इसके बाद कई लोग उनके समर्थन में आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मंत्री ने सफाई में कहा- बयान का गलत मतलब निकाला विवाद बढ़ने पर मंत्री ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उनका कहना था कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी अधिकारी को लोगों से पैसे मांगने का अधिकार नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वह रिश्वत देने या लेने का समर्थन नहीं करते।

मामला बढ़ने पर हासन की डिप्टी कमिश्नर केएस लता कुमारी ने भी हस्तक्षेप कर लोगों को शांत कराया। BJP बोली- सम्मान के नाम पर रिश्वत की बात क्यों?

भाजपा ने मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने सवाल उठाया कि जब सरकार रिश्वत के खिलाफ है, तो मंत्री अधिकारियों को ‘सम्मान’ के नाम पर पैसे देने की बात क्यों कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें अधिकारियों के रिश्वत मांगने पर शिकायत करने की बात कही गई थी। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक- कांग्रेस विधायक की भतीजी को बिना काम ₹70 हजार सैलरी, 6 महीने से सरकारी क्लीनिक नहीं गईं कर्नाटक के

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

📰 पूरी खबर पढ़ें (Dainik Bhaskar पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कर्नाटक के मंत्री केएम शिवलिंगेगौड़ा ने सरकारी अधिकारियों को ‘टिप’ देने को स्वीकार्य बताया, जिससे सार्वजनिक चर्चा छिड़ गई। यह विषय भ्रष्टाचार और सार्वजनिक सेवा के प्रति समाज की धारणा पर सवाल उठाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी कर्मचारियों के पारिश्रमिक और सम्मान के बीच की सीमाओं को चुनौती देती है, और राजनीतिक दलों के बीच असहमति को उजागर करती है। आम जनता पर इसका असर गहरा हो सकता है: यह विश्वास को कम कर सकता है, नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति सतर्क बना सकता है, और भ्रष्टाचार विरोधी आ

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।