कर्नाटक सरकार को हाई कोर्ट से बड़ा झटका, SC/ST आरक्षण बढ़ाने का फैसला रद्द
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोमवार (12 अक्टूबर, 2026) को अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण बढ़ाने के राज्य सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है.
राज्य सरकार ने 2022 के कानून के तहत शैक्षणिक संस्थानों में सीटों और राज्य के अंतर्गत आने वाली सेवाओं में नियुक्तियों या पदों में SC आरक्षण को 15% से बढ़ाकर 17% और ST आरक्षण को 3% से बढ़ाकर 7% किया था.
इससे राज्य में कुल आरक्षण 56% तक पहुंच गया था.
अदालत में चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के. एस.
हेमलेखा की खंडपीठ ने कहा कि आरक्षण की 50% सीमा पार करना संविधान के समानता संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन है.
कोर्ट ने कर्नाटक SC/ST आरक्षण अधिनियम, 2022 की धारा 3 और 4 को असंवैधानिक करार दिया.
कोर्ट के मुताबिक, ये प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन करते हैं.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?
हाई कोर्ट ने यह फैसला उक्त कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सुनाया.
इस कानून के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 56 प्रतिशत किया गया था.
इस मामले पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा, कानून की धारा 3, जो कुल आरक्षण को 50 प्रतिशत की सीमा से पार ले जाती है, संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करने के कारण रद्द की जाती है.
राज्य सरकार के फैसले को किसने दी थी चुनौती?
कर्नाटक सरकार के इस आदेश के खिलाफ उच्च अदालत में दाखिल की गई दो में से एक याचिका डॉ.
अंबेडकर अनुसूचित जाति फेडरेशन के राज्य अध्यक्ष महेंद्र कुमार मित्र ने दाय
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 12 अक्टूबर, 2026 को राज्य सरकार द्वारा 2022 के कानून के तहत शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी सेवाओं में SC तथा ST के आरक्षण को बढ़ाने के निर्णय को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। यह विषय राज्य में आरक्षण नीति और संवैधानिक अधिकारों के बीच के संघर्ष को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल कर्नाटक में सामाजिक न्याय के कार्यान्वयन को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे भारत में आरक्षण पर चल रही बहस को भी प्रभावित कर सकती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि SC/S