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कटनी में दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को बनाया जा रहा समावेशी और सुलभ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
कटनी में दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को बनाया जा रहा समावेशी और सुलभ

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण

दिव्यांगता के 21 प्रकार और अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध सुविधाओं की दी गई जानकारी

कटनी जिले में समावेशी प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पहल की जा रही है। इसी क्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाओं को अधिक संवेदनशील, सुलभ और समावेशी बनाने विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी अब्दुल गफ्फार ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां दिव्यांग बच्चों को अन्य बच्चों की तरह देखभाल, शिक्षा और गतिविधियों में सहभागिता का अवसर मिले।

परियोजना कटनी शहरी, बहोरीबंद और विजयराघवगढ़ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में दिव्यांगता की अवधारणा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत 21 प्रकार की दिव्यांगताओं और उपलब्ध सहायता एवं सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही कार्यकर्ताओं की भूमिका और बच्चों को समग्र सहायता देने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

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बाइट: अब्दुल गफ्फार — जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कटनी

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कटनी जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनवाड़ी सेवाओं को समावेशी और सुलभ बनाने की पहल महिला एवं बाल विकास विभाग की है। इस कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिव्यांगता के 21 प्रकार और 21-आधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध सुविधाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दिव्यांग बच्चों को समान शिक्षा और देखभाल का अधिकार मिलता है, जिससे उनकी सामाजिक और शैक्षिक समावेशिता बढ़ती है। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि समाज में दिव्यांग बच्चों के प्रति जागरूकता और सहानुभू

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।