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केन-बेतवा परियोजना प्रभावितों के समर्थन में पन्ना पहुंचे उमंग सिंघार, 27 दिन से अनशनरत अमित भटनागर का अनशन समाप्त

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 24 अक्टूबर 2026 👁️ 4 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
केन-बेतवा परियोजना प्रभावितों के समर्थन में पन्ना पहुंचे उमंग सिंघार, 27 दिन से अनशनरत अमित भटनागर का अनशन समाप्त

नेता प्रतिपक्ष ने नारियल पानी पिलाकर तुड़वाया अनशन, प्रभावित आदिवासी किसानों के मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

मुख्यमंत्री की दोबारा सर्वे की घोषणा पर उठाए सवाल, जेल में बंद आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार से मिलकर रिहाई की मांग की

पन्ना, 24 अक्टूबर 2026। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों और ग्रामीणों की मांगों को लेकर जारी आंदोलन के समर्थन में मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शनिवार को पन्ना पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मुआवजे, पुनर्वास तथा अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। इस दौरान उनके आग्रह पर 27 दिनों से आमरण अनशन कर रहे अमित भटनागर ने नारियल पानी पीकर अनशन समाप्त किया।

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इसके बाद उमंग सिंघार प्रभावितों की ओर से निकाली गई ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ यात्रा में शामिल हुए और आंदोलनकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में प्रभावित परिवारों के अधिकारों, सम्मान और आजीविका की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है।

आदिवासी किसानों के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष का ऐलान

उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी, दलित और किसान परिवारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर किसी भी परिवार के साथ अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रभावित लोगों को उनके अधिकारों से वंचित किए जाने के आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

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सिंघार ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के अधिकार, न्याय, उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाया जाएगा।

42 दिनों से जारी है प्रभावितों का आंदोलन

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों और ग्रामीणों का अमित भटनागर के नेतृत्व में पिछले 42 दिनों से आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी विस्थापन, पुनर्वास, मुआवजे में कथित अनियमितताओं और वन अधिकार कानून के अनुपालन से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।

आंदोलनकारियों की मांग है कि प्रभावित परिवारों का उचित सर्वे कराया जाए, छूटे हुए पात्र परिवारों को मुआवजा मिले और पुनर्वास से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाए। उमंग सिंघार ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से इन मुद्दों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कार्रवाई कहां तक पहुंची?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह 14 जुलाई को भी आंदोलनकारियों से मिले थे और उनकी समस्याओं को विधानसभा में उठाया था। उनके अनुसार, उस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे कराने और मुआवजे की स्थिति की जांच के निर्देश दिए थे।

सिंघार ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने सरकार से दोबारा सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, मुआवजे से वंचित परिवारों की जानकारी देने और लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को घोषणाओं के बजाय ठोस समाधान चाहिए और मुआवजे तथा पुनर्वास की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

जेल में बंद दिव्या अहिरवार से मिले उमंग सिंघार

पन्ना दौरे के दौरान उमंग सिंघार जिला जेल भी पहुंचे, जहां उन्होंने पिछले 28 दिनों से बंद आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को कथित तौर पर फर्जी बताते हुए उन्हें वापस लेने और दिव्या अहिरवार की रिहाई की मांग की।

सिंघार ने कहा कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग उठाने वाले आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और मामले में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों, ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों के मुआवजे, पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहेंगे। आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार की अगली कार्रवाई और दोबारा सर्वे की स्थिति इस मामले में महत्वपूर्ण रहेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।