भोपाल

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने छतरपुर में निर्माणाधीन सीआरसी भवन का किया निरीक्षण, जल्द शुरू होंगी आधुनिक पुनर्वास सेवाएं

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने छतरपुर में निर्माणाधीन सीआरसी भवन का किया निरीक्षण, जल्द शुरू होंगी आधुनिक पुनर्वास सेवाएं

छतरपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने शनिवार को छतरपुर प्रवास के दौरान समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी) के निर्माणाधीन स्थायी भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अंतिम चरण में भवन निर्माण, जल्द शुरू होंगी सेवाएं

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीआरसी के स्थायी भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद केंद्र नए परिसर से सेवाएं देना शुरू करेगा। वर्तमान में सीआरसी छतरपुर का संचालन महल गेट स्थित पुराने तहसील भवन से किया जा रहा है। सीआरसी छतरपुर, मुंबई स्थित अली यावर जंग राष्ट्रीय श्रवण एवं वाक् दिव्यांगजन संस्थान के प्रशासनिक नियंत्रण में तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत संचालित है।

एक ही परिसर में मिलेंगी पुनर्वास की आधुनिक सुविधाएं

नए भवन में केंद्र की सेवाएं शुरू होने के बाद दिव्यांगजनों को कई विशेषज्ञ सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इनमें कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच एवं हियरिंग सेवाएं, मनोवैज्ञानिक परामर्श, विशेष शिक्षा और प्रारंभिक हस्तक्षेप जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा दिव्यांगता मूल्यांकन, परामर्श, व्यावसायिक कौशल विकास और प्रशिक्षण सहित पुनर्वास से जुड़ी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे दिव्यांगजनों को उपचार, प्रशिक्षण और पुनर्वास संबंधी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी।

वरिष्ठ नागरिकों को भी मिलेगा लाभ

नए परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी सुविधाओं का विस्तार होगा। राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र के दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को एक ही परिसर में विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

बुंदेलखंड में दिव्यांगजन सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल स्थित सीआरसी के बाद छतरपुर में स्थापित यह मध्यप्रदेश का दूसरा केंद्र है। स्थायी भवन के माध्यम से बुंदेलखंड में दिव्यांगजनों के पुनर्वास, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आवश्यक सेवाओं के लिए क्षेत्र के लोगों को दूसरे स्थानों पर जाने की जरूरत भी कम होगी।

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पुनर्वास सेवाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण बताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ सीआरसी छतरपुर और निर्माण एजेंसी एनबीसीसी के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।