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केंद्रीय विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल होगी ‘मैं शिव हूं’, विद्यार्थियों को आत्मबोध से राष्ट्रबोध की ओर ले जाने पर ज़ोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
केंद्रीय विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल होगी ‘मैं शिव हूं’, विद्यार्थियों को आत्मबोध से राष्ट्रबोध की ओर ले जाने पर ज़ोर

अक्तूबर 06 कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, गुरुग्राम के पूर्व कुलपति एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) डॉ. राज नेहरू ने युवाओं को स्वयं को जानने और अपनी आंतरिक क्षमताओं को पहचानने का संदेश दिया।

उन्होंने अपनी पुस्तक ‘मैं शिव हूं’ (शिवोहम) तथा ‘ट्रांससेंडिंग माइंड’ विषय पर विस्तार से विचार रखे। डॉ. राज नेहरू ने कहा कि उनका चिंतन कश्मीर शैव दर्शन और ‘प्रत्यभिज्ञा’ की अवधारणा से प्रेरित है, जिसका मूल भाव स्वयं को जानना है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को प्रोफेसर, डॉक्टर, वकील या इंजीनियर जैसी बाहरी पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने वास्तविक स्वरूप और क्षमताओं को समझना चाहिए।

आत्म-जागरूकता बढ़ने से विचारों में स्पष्टता आती है और स्पष्ट विचार बेहतर निर्णय व बेहतर कार्यों का आधार बनते हैं। उन्होंने युवाओं से दूसरों की देखा-देखी लक्ष्य तय करने के बजाय अपनी क्षमता और आंतरिक शक्ति पहचानने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी संभावनाओं को समझने वाला युवा स्वयं के साथ समाज और राष्ट्र के लिए भी सार्थक योगदान दे सकता है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में व्यापक बदलाव की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य केवल विषयों में परिवर्तन करना नहीं, बल्कि शिक्षा को भारतीयता, सभ्यता और जीवन मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि डॉ. राज नेहरू की पुस्तक ‘मैं शिव हूं’ को विश्वविद्यालय के नए पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर विचार किया जा रहा है।

प्रो. बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की सोच को ‘मैं’ से ‘हम’, परिवार, समाज और राष्ट्र तक विस्तार देने का प्रयास कर रहा है। उनका मानना है कि आत्मबोध से राष्ट्रबोध की चेतना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि पुस्तक को विद्यार्थियों और शोधार्थियों तक पहुंचाकर भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बाईट: डॉ. राज नेहरू, पूर्व कुलपति श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, गुरुग्राम

बाईट: प्रो. सत प्रकाश बंसल, कुलपति, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।